"कारावास की सजा" के लिए 43 परिणाम मिले
सूरजपुर
अदालत सख्त : सूरजपुर कोर्ट का सख्त संदेश हत्या के 17 मामलों में 29 दोषियों को कठोर सजा
सूरजपुर जिले में भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच हत्या के 17 मामलों में 29 दोषियों को कठोर सजा सुनाई गई। अदालतों ने फोरेंसिक, डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कई आरोपियों को दोषी ठहराया। डेयरी फार्म हत्या, जमीन विवाद और पारिवारिक हत्या जैसे मामलों में उम्रकैद और कठोर कारावास की सजा देकर अदालतों ने अपराधियों को कड़ा संदेश दिया है।
रायपुर
हत्याकांड : जमीन विवाद में बड़े पिता ने भतीजे को तीर से मारा, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद के चलते बड़े पिता ने अपने भतीजे की तीर-धनुष से हत्या कर दी थी। वर्ष 2020 में हुई इस सनसनीखेज वारदात में आरोपी कंवर सिंह राठिया ने खेत से लौट रहे पूरन सिंह राठिया पर हमला किया था, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई थी।
छत्तीसगढ़
टंगिया-त्रिशूल से युवक की हत्या, फिर शव जलाकर मिटाए सबूत; आरोपी को उम्रकैद
दुर्ग में युवक मुकेश उर्फ राजू की टंगिया और त्रिशूल से हत्या कर शव जलाकर सबूत मिटाने वाले आरोपी रामचरण चंद्राकर को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वारदात 30 जुलाई 2023 को रसमड़ा स्थित सात बहिनिया मंदिर के पास हुई थी। पुलिस जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
छत्तीसगढ़
शादी का झांसा : कृषि विस्तार अधिकारी को उम्रकैद, कोर्ट ने कहा- धोखा देकर शोषण अक्षम्य
छत्तीसगढ़ की एक विशेष अदालत ने देवनारायण साहू को अपनी कॉलेज सहेली के साथ दुष्कर्म और जातिगत उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने पाया कि आरोपी ने शुरू से ही शादी का झूठा वादा कर पीड़िता का शोषण किया और बाद में उसकी जाति के आधार पर उसे अपमानित कर संबंध से इनकार कर दिया। उसे भारतीय न्याय संहिता और SC/ST एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी गई, जिसमें उम्रकैद, अन्य कारावास और जुर्माना शामिल है।
देश
कारण बताओ नोटिस : जनगणना कार्य में लापरवाही पर प्रशासन का डंडा, 23 कर्मचारियों को मांग जवाब
नगर निगम ने जनगणना 2026-27 के महत्वपूर्ण कार्य में अनुपस्थित रहने और ड्यूटी का पालन न करने पर 23 शिक्षकों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि उन्होंने न तो फील्ड में योगदान दिया और न ही जनगणना किट प्राप्त की। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए 24 घंटे में जवाब मांगा है और चेतावनी दी है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर विभागीय कार्रवाई, जुर्माना और जरूरत पड़ने पर कानूनी सजा तक हो सकती है।
अन्य
जग्गी हत्याकांड : सियासत, न्याय और समय की लंबी लड़ाई का निर्णायक मोड़, फैसले ने फिर गरमाई छत्तीसगढ़ की राजनीति
छत्तीसगढ़ के विस्तृत फैसले ने यह स्पष्ट किया कि समान साक्ष्यों के आधार पर किसी एक आरोपी को अलग राहत देना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। इस टिप्पणी ने मामले की दिशा तय करने के साथ ही न्यायिक दृष्टिकोण को भी साफ किया। करीब 78 पन्नों के आदेश में अदालत ने यह स्थापित किया कि साजिश के तानेबाने में आरोपी की भूमिका निर्णायक रही। इसी आधार पर सजा सुनाते हुए अदालत ने यह भी संदेश दिया कि लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया अंततः साक्ष्यों के आधार पर ही निष्कर्ष तक पहुंचती है।
छत्तीसगढ़
जग्गी मर्डर केस में बड़ा फैसला : अमित जोगी दोषी, हाईकोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रामावतार जग्गी हत्याकांड में Amit Jogi को हत्या और साजिश का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने 2007 के ट्रायल कोर्ट के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि सभी आरोपियों में भेदभाव नहीं किया जा सकता।