"पशुपालन" के लिए 56 परिणाम मिले
राज्य सरकार
उत्सव : जनजातीय समाज ने मनाया गौरव और प्रेरणा का दिवस
महासमुंद में रानी दुर्गावती के 462वें शहादत दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मंत्री राम विचार नेताम ने वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का अनावरण कर उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया। कार्यक्रम में जनजातीय समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा शिक्षा, संस्कृति संरक्षण, किसानों की उन्नति और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया।
राज्य सरकार
समीक्षा बैठक : महासमुंद में विकास योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
महासमुंद जिला पंचायत सभाकक्ष में सांसद रूपकुमारी चौधरी की अध्यक्षता में दिशा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। सांसद ने विकास कार्यों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा करने, जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक पेयजल पहुंचाने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
गरियाबंद
नई रफ्तार : 7 पंचायतों में आधुनिक बकरी शेड से बढ़ेगी पशुपालकों की आय
जिला प्रशासन ने मनरेगा के तहत ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए 7 ग्राम पंचायतों में लगभग 3 लाख रुपये प्रति इकाई लागत से आधुनिक बकरी पालन शेड स्वीकृत किए हैं। इन शेडों का निर्माण वैज्ञानिक मॉडल पर किया जाएगा, जिससे पशुओं को मौसम और बीमारियों से सुरक्षा मिलेगी तथा उत्पादन और आय में वृद्धि होगी। योजना में बकरी पालन के साथ देशी मुर्गी पालन को भी एकीकृत किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे। साथ ही पशुपालकों को चारा, स्वास्थ्य सेवाएं और तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह पहल रोजगार सृजन, स्थायी परिसंपत्ति निर्माण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रायपुर
आत्मनिर्भरता की मिसाल : 10 साल का संघर्ष, 185 बकरियों का फार्म मुंगेली के रामलाल की प्रेरक सफलता
मुंगेली जिले के ग्राम सुरही निवासी रामलाल लकड़ा ने बकरी पालन को अपनी आजीविका का मजबूत साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उन्होंने लगभग 10 वर्ष पहले कुछ बकरियों से शुरुआत की थी, जो आज बढ़कर करीब 185 बकरियों के बड़े फार्म में बदल चुकी है।
रायपुर
विकास : नक्सलमुक्त बस्तर अब आर्थिक और तकनीकी हब बनने को तैयार
नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलमुक्त बस्तर के लिए व्यापक विकास रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, डेयरी क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर में सिंचाई विस्तार, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और पर्यटन को रोजगार के बड़े स्रोत के रूप में विकसित करने की योजना साझा की।
राज्य सरकार
दुग्ध क्रांति : 156 दुग्ध समितियों से किसानों को मिल रहा लाभ
महासमुंद जिले में पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय ग्रामीणों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनकर उभर रहा है। जिले से प्रतिदिन लगभग 34 हजार लीटर दूध का विक्रय देवभोग दुग्ध महासंघ और निजी डेयरियों के माध्यम से किया जा रहा है।
राज्य सरकार
विकास की नई सौगात : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जन चौपाल में की बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम गारपा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने क्षेत्र में नक्सल प्रभाव के बाद अब तेजी से हो रहे विकास कार्यों पर जोर देते हुए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की प्रतिबद्धता दोहराई।
राज्य सरकार
कृषि में बड़ा बदलाव : 40 लाख किसानों के लिए नई रणनीति, डिजिटल खेती और प्राकृतिक कृषि पर जोर
छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और प्राकृतिक खेती के नए युग में प्रवेश कर रहा है। ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के तहत राज्य सरकार का लक्ष्य 40 लाख किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को आधुनिक बनाना है। नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में बताया गया कि राज्य में दलहन उत्पादन में 76% की वृद्धि और तिलहन क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
रायपुर
नई दिशा : 125 दिन रोजगार और डिजिटल भुगतान की नई व्यवस्था
केंद्र सरकार 1 जुलाई 2026 से ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए मनरेगा की जगह ‘VB-G RAM G योजना’ लागू करने जा रही है। नई योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को 100 की बजाय 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। इसमें आवेदन ग्राम पंचायत के माध्यम से होगा और 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा, अन्यथा बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान रहेगा।
राज्य सरकार
मत्स्य पालन : ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव की कहानी, मछली पालन और खेती से उमा सिंह बनीं आत्मनिर्भर
उमा सिंह ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर खेती, मत्स्य पालन और छोटे व्यवसाय के माध्यम से आत्मनिर्भरता हासिल की। 85 हजार रुपये के सहयोग से शुरू किए गए कार्यों ने उन्हें “लखपति दीदी” की पहचान दिलाई। उनकी सफलता से ग्रामीण महिलाओं में स्वरोजगार के प्रति प्रेरणा और जागरूकता बढ़ी है।
राज्य सरकार
बैठक सम्पन्न : कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
महासमुंद में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।
सफलता : धान से आगे बढ़कर मिर्च, मक्का और मछली पालन से किसान बना रहा मॉडल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के ग्राम फुतकेल के किसान गोपाल एर्रागोला ने आधुनिक और बहुफसली खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वर्षा आधारित धान खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने मक्का, मूंगफली, मिर्च, सब्जी उत्पादन, पशुपालन और मछली पालन को अपनाया। कृषि विभाग, आत्मा योजना, ड्रिप सिंचाई, सौर सुजला योजना और प्राकृतिक खेती तकनीकों की मदद से उनकी वार्षिक शुद्ध आय लगभग 3.94 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं को भी वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।