"किसानों की आय" के लिए 76 परिणाम मिले
राज्य सरकार
समीक्षा बैठक : 26 हजार किसानों के एग्रीस्टैक पंजीयन पर फोकस, कलेक्टर दिए सख्त निर्देश
महासमुंद कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने समय-सीमा बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत शेष 26 हजार किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण, और ग्राम सभाओं में पटवारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में राजस्व प्रकरणों, सेवा सेतु केंद्रों, ई-फाइल प्रणाली, पीएम आवास योजना और अन्य लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।
छत्तीसगढ़
राजनांदगांव को 510 करोड़ की विकास सौगात, 333 विकास कार्यों का लोकार्पण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव में 510.89 करोड़ रुपये की लागत वाले 333 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने खरीफ 2026 से धान के स्थान पर दलहन-तिलहन की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।
रायपुर
खेती का हाईटेक अंदाज : छत्तीसगढ़ में शुरू हुआ ड्रोन दीदी अभियान महिला किसान बनेंगी पायलट
तकनीक के फायदे ड्रोन तकनीक की मदद से फसलों पर बेहद कम समय और कम लागत में उर्वरकों व कीटनाशकों का सटीक छिड़काव किया जा सकेगा, जिससे किसानों की आय और फसल की गुणवत्ता बढ़ेगी।
राज्य सरकार
फैसला : रायगढ़ में 4.19 करोड़ से बनेंगे 5 हाईटेक वेयरहाउस, किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने रायगढ़ जिले के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए 4 करोड़ 19 लाख 52 हजार रुपये की लागत से 5 हाईटेक वेयरहाउस निर्माण को मंजूरी दी है। खरसिया और घरघोड़ा विकासखंड में बनने वाले इन गोदामों की कुल भंडारण क्षमता 9 हजार मीट्रिक टन होगी।
राज्य सरकार
सफलता : बासीन में 99% पौधे जीवित, ग्रामीण विकास को नई उड़ान
नारायणपुर जिले के ओरछा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंदला के आश्रित ग्राम बासीन में मनरेगा योजना के तहत फलदार पौधों का सफल रोपण किया गया है। उद्यान विभाग द्वारा लगाए गए उच्च गुणवत्ता वाले आम के पौधों में लगभग 99 प्रतिशत पौधे स्वस्थ और जीवित पाए गए हैं।
दंतेवाड़ा (दक्षिण बस्तर)
नई पहल : दंतेवाड़ा में खेत बचाओ अभियान शुरू, प्राकृतिक खेती को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
दंतेवाड़ा में खेत बचाओ अभियान के तहत प्राकृतिक खेती और मिलेट्स उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उद्देश्य मिट्टी संरक्षण, लागत में कमी और किसानों की आय बढ़ाना है।
राज्य सरकार
विकास को नई दिशा : मनरेगा की आजीविका डबरी से बदली किसान की किस्मत
सरगुजा जिले के ग्राम अडची में मनरेगा के तहत बनी आजीविका डबरी किसान देवानंद के लिए आय और सिंचाई का मजबूत साधन बन गई है। लगभग 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस डबरी से वे खेती की सिंचाई के साथ-साथ मत्स्य पालन भी कर रहे हैं, जिससे उनकी अतिरिक्त आय बढ़ रही है।
रक्षा
सीमा सुरक्षा : BSF पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग कार्य तेज
भारत-बांग्लादेश सीमा से लगे पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती गांवों में वर्षों से घुसपैठ, तस्करी और फसल चोरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने संवेदनशील इलाकों में फेंसिंग का काम तेज कर दिया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूत बाड़ लगने के बाद न केवल उनकी सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि खेतों में तैयार फसलों को होने वाले नुकसान और चोरी की घटनाओं पर भी लगाम लगेगी। लोगों को उम्मीद है कि अब वे बिना किसी डर के खेती कर सकेंगे और रात में चैन की नींद सो पाएंगे।
राज्य सरकार
भव्य शुभारंभ : रायपुर में आम महोत्सव का आगाज, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने आम को “फलों का राजा” बताते हुए इसके सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला। महोत्सव में 250 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें स्थानीय और दुर्लभ आम आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में किसानों को नई तकनीक, नवाचार और मूल्य संवर्धन के अवसरों की जानकारी दी गई।
राज्य सरकार
कृषि में बड़ा बदलाव : 40 लाख किसानों के लिए नई रणनीति, डिजिटल खेती और प्राकृतिक कृषि पर जोर
छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और प्राकृतिक खेती के नए युग में प्रवेश कर रहा है। ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के तहत राज्य सरकार का लक्ष्य 40 लाख किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को आधुनिक बनाना है। नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में बताया गया कि राज्य में दलहन उत्पादन में 76% की वृद्धि और तिलहन क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
रायपुर
किसानों की तकदीर : फलोत्पादन से समृद्ध हो रहा जशपुर, नाशपाती बनी किसानों की नई पहचान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उद्यान विभाग, नाबार्ड और रीड्स एनजीओ के सहयोग से किसानों को आधुनिक फलोत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिले में 3500 हेक्टेयर में नाशपाती के बाग विकसित किए गए हैं, जिससे 3500 से अधिक किसान जुड़े हैं। हर साल लगभग 1.75 लाख क्विंटल नाशपाती का उत्पादन हो रहा है, जिसकी मांग दिल्ली, उत्तरप्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों में बढ़ी है। नाशपाती की खेती से किसानों को प्रति एकड़ 1 से 1.5 लाख रुपये तक की आय हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
महासमुंद
किसान की सफलता : आधुनिक तकनीक अपनाकर महिला किसान ने रचा सफलता का नया मॉडल
महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के बरनाईदादर गांव की कृषक श्रीमती मीना पटेल ने आधुनिक उद्यानिकी खेती अपनाकर बड़ी सफलता हासिल की है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ग्राफ्टेड टमाटर की खेती, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक के उपयोग से उन्होंने एक एकड़ में लगभग 400 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया।