"किसानों की आय" के लिए 76 परिणाम मिले
देश
सुपर अलनीनो का खतरा : 2026 में रिकॉर्ड गर्मी, कमजोर मानसून, प्राकृतिक आपदाओं का बढ़ संकट
National Oceanic and Atmospheric Administration यानी NOAA ने चेतावनी दी है कि 2026 में “सुपर अलनीनो” विकसित हो सकता है, जिसका असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। इसके कारण भारत में मानसून कमजोर होने, रिकॉर्ड गर्मी, सूखा, जल संकट और कृषि उत्पादन में गिरावट का खतरा बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि प्रशांत महासागर का तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो 2026-27 दुनिया के सबसे गर्म और चुनौतीपूर्ण वर्षों में शामिल हो सकते हैं।
सफलता : धान से आगे बढ़कर मिर्च, मक्का और मछली पालन से किसान बना रहा मॉडल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के ग्राम फुतकेल के किसान गोपाल एर्रागोला ने आधुनिक और बहुफसली खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वर्षा आधारित धान खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने मक्का, मूंगफली, मिर्च, सब्जी उत्पादन, पशुपालन और मछली पालन को अपनाया। कृषि विभाग, आत्मा योजना, ड्रिप सिंचाई, सौर सुजला योजना और प्राकृतिक खेती तकनीकों की मदद से उनकी वार्षिक शुद्ध आय लगभग 3.94 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं को भी वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।
कारोबार
सरकार का बड़ा तोहफा : 14 खरीफ फसलों की MSP में भारी बढ़ोतरी, अब धान ₹2,441 के पार
केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए धान समेत 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। सामान्य धान का MSP ₹72 बढ़ाकर ₹2,441 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि सूरजमुखी बीज और कपास में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है। सरकार का कहना है कि सभी फसलों का MSP उत्पादन लागत से कम से कम 50% अधिक तय किया गया है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और खाद्य तेल-दालों के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
जैविक खेती से बदली किस्मत : डोल नारायण पटेल बने प्रेरणा का स्रोत
डोलनारायण पटेल, रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के प्रगतिशील किसान, ने पारंपरिक खेती छोड़कर जैविक खेती अपनाई और उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उन्होंने मात्र 75 डिसमिल जमीन पर जैविक मिर्च की खेती करके कम समय में अच्छा मुनाफा कमाया और बिना रासायनिक खादों के गोबर खाद व आधुनिक सिंचाई तकनीक का उपयोग किया। उनकी खेती लागत कम और उत्पादन अधिक होने के कारण लाभकारी साबित हुई। अब वे 4 एकड़ में खुशबूदार जवाफूल धान की जैविक खेती की योजना बना रहे हैं। उनकी सफलता यह दिखाती है कि नवाचार और प्राकृतिक खेती अपनाकर छोटे किसान भी आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।
कृषि संकल्प अभियान के तहत रथ को हरी झंडी, किसानों तक पहुंचेगी योजनाओं की जानकारी
जनपद पंचायत बागबाहरा में “विकसित कृषि संकल्प अभियान” के तहत कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान 5 मई से 20 मई 2026 तक चलेगा, जिसके दौरान रथ विभिन्न गांवों में जाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीज, उर्वरक प्रबंधन और सरकारी योजनाओं जैसे एग्रीस्टेक, स्वायल हेल्थ कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की जानकारी देगा। इस पहल का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
कारोबार
कारोबार को बढ़ावा : मधुमक्खी पालन पर किसानों को 85% तक सब्सिडी से बढ़ेगी आय
सरकार मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही है। इसके तहत मधुमक्खी बॉक्स, कॉलोनी और उपकरणों पर 85% तक तथा प्रोसेसिंग यूनिट पर 70–75% तक सब्सिडी दी जा रही है। इससे किसान कम लागत में यह व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और अतिरिक्त आय कमा सकते हैं। शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों में परागण बढ़ने से पैदावार भी बेहतर होती है। हालांकि कमाई और सब्सिडी की वास्तविक राशि योजना, पात्रता और बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करती है।
बगिया एम-कैड सिंचाई परियोजना का शुभारंभ, जशपुर बनेगा आधुनिक कृषि मॉडल जिला
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के बगिया गांव में एम-कैड योजना के तहत दाबित उद्वहन सिंचाई परियोजना का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य आधुनिक पाइप आधारित सिंचाई प्रणाली के माध्यम से जल की बचत, बेहतर उपयोग और किसानों को वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।
लैलूंगा के किसान ने गेंदा फूल की खेती से बढ़ाई आय, धान की तुलना में कई गुना अधिक मुनाफा हासिल
रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के ग्राम गमेकेरा के किसान ईश्वरचरण पैकरा ने पारंपरिक धान की खेती छोड़कर गेंदा फूल की खेती अपनाई, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 0.400 हेक्टेयर भूमि पर की गई इस खेती से उन्हें लगभग 38 क्विंटल उत्पादन मिला और करीब 2.59 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो धान की खेती की तुलना में कई गुना अधिक है। उनकी इस सफलता से गांव के अन्य किसान भी फूलों की खेती की ओर प्रेरित हो रहे हैं।
छत्तीसगढ़
गौमाता को राष्ट्र माता घोषित करने की उठी माँग: संविधान संशोधन के लिए महासमुंद में गौसेवकों ने सौंपा ज्ञापन
भारत के संविधान में पहले से ही अनुच्छेद 48 के तहत राज्य को गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रयास करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन यह नीतिनिर्देशक तत्व (Directive Principle) है, यानी यह अदालत में बाध्यकारी नहीं होता। इसी तरह अनुच्छेद 51A नागरिकों के कर्तव्यों की बात करता है, लेकिन इन्हें लागू करवाने के लिए दंडात्मक प्रावधान सीमित हैं। यदि इन अनुच्छेदों में बदलाव करना हो, तो इसके लिए संसद में संवैधानिक संशोधन (Constitutional Amendment) की जटिल प्रक्रिया अपनानी पड़ती है, जिसमें व्यापक राजनीतिक सहमति जरूरी होती है।
पीएम-आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर सरसों की जोरदार खरीदी, 404 क्विंटल से अधिक उपार्जन दर्ज
महासमुंद जिले में पीएम-आशा (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत रबी 2025-26 में दलहन और तिलहन की सरकारी खरीदी जारी है। बसना, सरायपाली और पिटियाझर उपार्जन केंद्रों में किसानों से सरसों की खरीद की जा रही है। अब तक 27 किसानों से कुल 404.51 क्विंटल सरसों और 9.43 क्विंटल चना खरीदा गया है। सरसों का समर्थन मूल्य ₹6200 प्रति क्विंटल, चना ₹5875 और मसूर ₹7000 प्रति क्विंटल निर्धारित है। किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि भी बढ़ाई गई है।
छत्तीसगढ़
परियोजना में तेजी : सिंचाई सुविधा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम, नहर परियोजना पर तेज काम
जिले में फुटहामुड़ा नहर परियोजना को तेज गति से पूरा करने के लिए प्रशासन सक्रिय है। अधिकारियों ने जोगीडीह और गाड़ाघाट में निर्माण कार्य का निरीक्षण कर गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की तथा किसानों की समस्याएं सुनीं। किसानों ने सिंचाई की कमी, भूमि अधिग्रहण और धीमी गति के मुद्दे उठाए, जिनके समाधान का आश्वासन दिया गया। अतिरिक्त सिंचाई के लिए लिफ्ट एरिगेशन का प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने पर क्षेत्र में सिंचाई का दायरा बढ़ेगा और किसानों की आय में सुधार होगा।
छत्तीसगढ़
जिले में PM-AASHA योजना के तहत रबी 2025-26 दलहन–तिलहन खरीदी शुरू, किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ