"आयुष विभाग" के लिए 5 परिणाम मिले
छत्तीसगढ़
8वें पोषण पखवाड़ा के तहत आयुष विभाग द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व मस्तिष्क विकास पर केंद्रित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
छत्तीसगढ़ के जिला आयुष विभाग द्वारा 9 से 23 अप्रैल 2026 तक 8वें पोषण पखवाड़ा के तहत जनजागरूकता और स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष का मुख्य विषय जीवन के पहले 6 वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना है। इसके अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयुष संस्थानों के माध्यम से सुवर्णप्राशन, गर्भिणी परिचर्या, योग, आहार-जीवनशैली मार्गदर्शन और स्वास्थ्य परामर्श जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य कुपोषण कम करना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।
राज्य सरकार
Yoga Camp Jashpur: सेवा संकल्प अभियान के तहत लगे योग-ध्यान शिविर, लोगों ने लिया स्वस्थ जीवन का संकल्प
Yoga Camp Jashpur: सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल में जशपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में योग एवं ध्यान शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में नागरिकों को योगासन, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
महासमुंद
National Lok Adalat: 68 हजार 586 प्रकरणों का निराकरण, 8.37 करोड़ से अधिक के अवार्ड पारित
National Lok Adalat: महासमुंद में आयोजित नेशनल लोक अदालत में सुलह और समझौते के आधार पर 68 हजार 586 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिला न्यायालय सहित विभिन्न न्यायालयों की 28 खंडपीठों में बैंक रिकवरी, विद्युत, श्रम, मोटर दुर्घटना दावा और अन्य मामलों की सुनवाई हुई। लोक अदालत में कुल 8 करोड़ 37 लाख 76 हजार 690 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इसके साथ ही स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता स्टॉल और पौध वितरण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
रायपुर संभाग
स्वास्थ्य परीक्षण : ग्रामीणों तक पहुंचीं आयुष सेवाएं, बेलर में स्वास्थ्य मेले में उमड़ी भीड़
विकासखंड अभनपुर के ग्राम बेलर में आयोजित प्रथम आयुष स्वास्थ्य मेले में 367 ग्रामीणों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं वितरित की गईं। शिविर में बीपी और शुगर जांच के साथ 150 लोगों को आयुष क्वाथ दिया गया तथा आयुर्वेद, योग और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया।
हर्बल उत्पाद : छत्तीसगढ़ की 55 हजार महिलाएं वन धन केंद्रों से जुड़कर बनीं आर्थिक रूप से मजबूत
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में संचालित 155 वन धन विकास केंद्र महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। इन केंद्रों से करीब 55 हजार महिलाएं जुड़कर लघु वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण और हर्बल उत्पाद निर्माण के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं। पिछले पांच वर्षों में महिलाओं को करोड़ों रुपये का कमीशन और लाभांश प्राप्त हुआ है।