National Lok Adalat: 68 हजार 586 प्रकरणों का निराकरण, 8.37 करोड़ से अधिक के अवार्ड पारित
National Lok Adalat: महासमुंद में आयोजित नेशनल लोक अदालत में सुलह और समझौते के आधार पर 68 हजार 586 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिला न्यायालय सहित विभिन्न न्यायालयों की 28 खंडपीठों में बैंक रिकवरी, विद्युत, श्रम, मोटर दुर्घटना दावा और अन्य मामलों की सुनवाई हुई। लोक अदालत में कुल 8 करोड़ 37 लाख 76 हजार 690 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इसके साथ ही स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता स्टॉल और पौध वितरण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
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कीर्तिमान न्यूज
13 Sep 2026, 08:24 AM
महासमुंद
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National Lok Adalat: न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का निराकरण एवं पक्षकारों के त्वरित सुलह एवं समझौते के आधार पर उनके प्रकरणों के निराकरण के उद्देश्य से आज 12 सिंतबर 2026 दिन शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद की सचिव आफरीन बानो द्वारा जानकारी दी गई कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व के अधीन आज 12 सिंतबर 2026 दिन शनिवार को जिला न्यायालय महासमुंद, कुटुम्ब न्यायालय एवं तहसील पिथौरा, सरायपाली, बसना और बागबाहरा स्थित सिविल, श्रम न्यायालय एवं राजस्व न्यायालयों सहित 28 खण्डपीठो का गठन कर नेशनल लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के प्रकरणों का निराकरण किया गया।
राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों में सुनवाई
जिला न्यायालय के सभाकक्ष में समस्त न्यायाधीशगणो, अधिवक्तागण, पक्षकारगण, विभिन्न विभागों से उपस्थित अधिकारीगण, वित्तीय संस्थानों से आए अधिकारी-कर्मचारीगण, न्यायालयीन कर्मचारीगणों की उपस्थित में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जलित कर लोक अदालत का विधिवत् शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया, कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संघपुष्पा भतपहरी सहित अन्य पीठासीन अधिकारीगण उपस्थित थे। नेशनल लोक अदालत में उक्त सभी खण्डपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत एवं देयकां के अवशेष बकाया की वसूली और राजीनामा योग्य अन्य मामले के बकाया की वसूली संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले, राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरण सुनवाई हेतु रखे गये थे।
रिकवरी पर किया गया अवार्ड पारित
उक्त मामलों के अलावा राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधि0 की धारा-138 के अधीन परिवाद पर संस्थित मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संबंधी मामले तथा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135 (क) के तहत विद्युत बकाया अथवा विद्युत चोरी के मामले तथा सिविल मामले भी नियत किये गये थे। उक्त खण्डपीठों में उपरोक्त सभी मामलों की सुनवाई करते हुए जिला महासमुंद स्थित विभिन्न न्यायालयों में प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसी प्रकार प्री-लिटिगेशन संबंधित मामलों में बैंक रिकवरी के 5 हजार 337 प्रकरणों में 19 लाख 89 हजार 261 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इसी प्रकार विद्युत के 11 हजार 72 प्रकरणों में 59 लाख 94 हजार 810 रूपए, श्रम प्रकरण के नौ मामलों में 3 लाख 19 हजार 700 रूपए, एमएसीटी के 46 प्रकरण में 5 करोड़ 15 लाख 36 हजार रूपए, एनआई एक्ट-138 के 21 प्रकरणों में 46 लाख 59 हजार 747 रूपए का अवार्ड पारित किया गया।
जिले के सभी तहसील एवं अनुभाग क्षेत्रों के राजस्व न्यायालयों के माध्यम से 47 हजार 531 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इस प्रकार नेशनल लोक अदालत में सुलह एवं समझौता के आधार पर विभिन्न खंडपीडों के माध्यम से कुल 68 हजार 586 प्रकरणों का निराकरण किया गया और उनमें 08 करोड़ 37 लाख 76 हजार 690 रूपए की राशि के आवार्ड पारित किए गए। विदित हो कि आज 12 सिंतबर 2026 को पूरे देश भर में उच्चतम न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक के न्यायालयों में एक साथ हाईब्रिड नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया जिसके सफल आयोजन हेतु विगत कई माह से अनवरत तैयारी की जा रही थी और पक्षकारों को नियत सुनवाई दिनांक के पूर्व राजीनामा हेतु नोटिस प्रेषित कर प्री-सीटिंग कर राजीनामा करने हेतु प्रोत्साहित किया गया था। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में महासमुंद अधिवक्तागण एवं न्यायालय के कर्मचारियों का अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हुआ।
प्रदर्शनी स्टाल का किया निरीक्षणसामाग्रियो की स्टाल लगाकर प्रदर्शनी
जिला न्यायालय महासमुंद में आयोजित नेशनल लोक अदालत के अवसर पर शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह बरोण्डा बाजार में रह रहे विधि से संघर्षरत बालकों द्वारा पुरानी अथवा बेकार पड़ी समाग्रियों से विभिन्न प्रकार के बनाई गई वस्तुओं का प्रदर्शनी के लिए स्टाल लगाए गए थे, जिसमें चित्रकला सहक्राफ्ट एवं हस्तशिल्प शामिल है। जिसे संस्था के कला एवं क्राफ्ट शिक्षक केदार धीवर व उनके अन्य सहयोगियों द्वारा प्रदशित किया गया था। उक्त स्टॉल पर रखे टुटी-फुटी पुरानी वस्तुओं से बनाई गई शिल्प सामाग्रियों एवं चित्रों का अवलोकन नेशनल लोक अदालत के खंडपीठों के पीठासीन अधिकारियों, अधिवक्ताओं, पक्षकारों अथवा न्यायिक कर्मचारियों द्वारा किया गया। इसके अलावा वन विभाग द्वारा वनोषधि सामाग्री, श्रम विभाग द्वारा श्रम पंजीयन, स्वास्थ्य और आयुष विभाग द्वारा बड़ी संख्या में न्यायालयीन अधिकारी-कर्मचारीगण, अधिवक्तागण तथा अपने प्रकरण में उपस्थित पक्षकारगणों एवं विभिन्न विभागों से आए अधिकारी-कर्मचारियों का निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कर दवाईयो तथा शिक्षा विभाग की ओर से शासकीय बृजराज शाला महासमुंद के विद्यार्थियों को पुस्तके वितरण किया है।
पक्षकारों को पौधे भेंट कर पीठासीन अधिकारियों ने दिए वृक्षारोपण का संदेश
आज जिला मुख्यालय महासमुंद में आयोजित वर्ष 2026 के तृतीय नेशनल लोक अदालत में विभिन्न प्रकरणों में उपस्थित पक्षकारों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया के मार्गदर्शन पर जिला न्यायालय में स्थापित सभी खंडपीठों के पीठासीन अधिकारियों द्वारा उनके न्यायालय में आने वाले पक्षकारों को वृक्षारोपण करने के उद्देश्य तथा सुखद हरियाली के सदेंश देते हुए पक्षकारों को विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधे वितरित किए गए, साथ ही वन विभाग के अधिकारियों द्वारा न्यायालय परिसर में अपने प्रकरणों के लिए पहुंचे पक्षकारों तथा आम नागरिकों को पौधे वितरित किए गए। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद विभाग के चिकित्सकीय अधिकारी- कर्मचारियों द्वारा स्वास्थ्य शिविर लगाकर आम नागरिकों तथा अपने प्रकरण के निराकरण के लिए पहुंचे पक्षकारों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था जिसमें निःशुल्क दवाईया भी वितरित किया गया।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के प्रकरण में आहतगणों के लिए अवार्ड पारित
जिला मुख्यालय महासमुंद के जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं खंडपीठ क्रमांक-एक के पीठासीन अधिकारी अनिता डहरिया के समक्ष मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के प्रकरण जो कि लंबित था। जिसे आज आयोजित नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के नौ प्रकरणों का निराकरण करते हुए 5 प्रकरण के मृतकों के उनके वारिसानों एवं 4 प्रकरणों के आहतगणों के लिए कुल एक करोड़ 3 लाख 70 हजार रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इस प्रकार पीठासीन अधिकारी द्वारा समझाईश के बाद प्रकरणों का आपसी सुलाह एवं समझौते के आधार पर निराकरण किया गया। इस अवसर पर मृतको के परिजनो व उनके वारिसानों एवं आहतगणों को पीठासीन अधिकारी द्वारा पौधे भेट कर वृक्षारोपण करने का संदेश दिया गया।