"जिला अस्पताल परिसर" के लिए 9 परिणाम मिले
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
CG Crime News: जिला अस्पताल के महिला टॉयलेट में मिला नवजात का शव, मचा हड़कंप
CG Crime News: जिला अस्पताल परिसर में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब महिला टॉयलेट के फ्लश के पास एक नवजात शिशु का शव मिला। शव नाल और प्लेसेंटा सहित बरामद किया गया। टॉयलेट से दुर्गंध आने के बाद अस्पताल के वार्ड बॉय ने वहां जाकर जांच की, तब घटना का पता चला। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को मामले की जानकारी दी।
राज्य सरकार
Kanker District Hospital : खाद्य सुरक्षा में कांकेर की बड़ी उपलब्धि, अस्पताल कैंटीन को 5-स्टार
Kanker District Hospital की कैंटीन को FSSAI ने ‘ईट राइट कैंपस’ के तहत 5-स्टार ‘एक्सेम्प्लरी’ प्रमाणन दिया है। यह प्रमाण-पत्र 2 सितंबर 2026 से 1 सितंबर 2028 तक प्रभावी रहेगा। इससे अस्पताल में मरीजों, परिजनों और कर्मचारियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की प्रशासन की पहल को मजबूती मिली है।
महासमुंद
अव्यवस्थाओं से जूझ रहा जिला अस्पताल का जन औषधि केंद्र, ऑडिट में सामने आईं तीन बड़ी कमियां
महासमुंद जिला अस्पताल के जन औषधि केंद्र में दवाइयों, जगह और कर्मचारियों की कमी सामने आई है। रेड क्रॉस समिति के ऑडिट में तीन प्रमुख खामियां मिली हैं। दवाइयों की पर्याप्त सप्लाई नहीं होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महासमुंद
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर MBBS इंटर्न का प्रदर्शन, महासमुंद जिला अस्पताल में दिया धरना
प्रदेशभर में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चल रही MBBS इंटर्न की हड़ताल अब महासमुंद तक पहुंच गई है। जिला अस्पताल परिसर में इंटर्न डॉक्टरों ने धरना प्रदर्शन कर वर्तमान 15,900 रुपये स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार विरोध के बावजूद अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
राज्य सरकार
कुपोषण के खिलाफ महासमुंद की बड़ी जीत, एनआरसी से 357 बच्चों की बदली जिंदगी
महासमुंद जिला अस्पताल का पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) कुपोषित बच्चों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले दो वर्षों में केंद्र में 357 गंभीर कुपोषित बच्चों का सफल इलाज कर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य की ओर लाया गया है। यहां बच्चों को निःशुल्क उपचार, विशेष पोषण आहार और चिकित्सकीय निगरानी दी जाती है, वहीं माताओं को भी पोषण संबंधी प्रशिक्षण और सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
धमतरी
दोस्ती की मिसाल : दोस्त को ठेले पर लादकर अस्पताल पहुंचाया, धमतरी में इंसानियत की अनोखी तस्वीर
धमतरी में मजदूर संतोष सोनवानी ने शराब दुकान के पास बेसुध पड़े अपने दोस्त कुलदीप को एम्बुलेंस न मिलने पर ठेले में लादकर जिला अस्पताल पहुंचाया। उसकी इस संवेदनशीलता और सच्ची दोस्ती की लोगों ने जमकर सराहना की।
राष्ट्रीय
स्वास्थ्य व्यवस्था : एंबुलेंस नहीं मिली, महिला की मौत के बाद अस्पताल में बवाल
पन्ना जिले में जहरीला पदार्थ खाने वाली 40 वर्षीय महिला की समय पर एंबुलेंस न मिलने से रास्ते में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस ढाई घंटे की देरी से पहुंची और रेफर किए जाने के बाद भी दूसरी एंबुलेंस नहीं मिली। वहीं, पोस्टमार्टम के लिए तीन घंटे तक इंतजार कराने से नाराज परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
रायपुर संभाग
जंग : जांच शिविरों और जागरूकता रैली से ग्रामीणों को मिला साइलेंट किलर से सुरक्षा कवच
मुख्य संदेश जिले के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम के प्रयास से यह अभियान बेहद सफल रहा। अंत में स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की कि 30 वर्ष की उम्र पार करते ही नियमित रूप से अपने ब्लड प्रेशर (BP) की जांच जरूर कराएं ताकि एक सेहतमंद समाज का निर्माण हो सके।
देश
वीडियो वायरल : जिला अस्पताल में बच्ची से सफाई, जिम्मेदार कर्मचारी पर सवाल
मुरैना जिला अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें एक नाबालिग बालिका को परिसर में झाड़ू-पोंछा लगाते हुए देखा जा सकता है, जबकि एक महिला सफाई कर्मचारी मोबाइल फोन चलाती नजर आ रही है। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह आरोप लग रहे हैं कि अस्पताल में सफाई के नाम पर नाबालिग से काम कराया जा रहा था, जो बाल श्रम कानूनों का उल्लंघन है। इस दृश्य ने लोगों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है, और सोशल मीडिया पर जिम्मेदार कर्मचारियों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।