"धान बोनस" के लिए 5 परिणाम मिले
महासमुंद
Indian Farmers Union: धान बोनस और समर्थन मूल्य की मांग को लेकर आज रायपुर में किसानों का प्रदर्शन
Indian Farmers Union: भारतीय किसान संघ की नावाडीह बैठक में 15 गांवों के किसानों ने हिस्सा लिया। धान बोनस, समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी और खरीदी संबंधी समस्याओं को लेकर 27 अक्टूबर को रायपुर में महानदी भवन घेराव की तैयारी की गई।
रायपुर
Chhattisgarh Farmers News: धान के दाम 3,358 रुपए करने की मांग, 1700 करोड़ के बोनस पर फंसा पेंच, 27 को मंत्रालय घेराव की चेतावनी
Chhattisgarh Farmers News: धान खरीदी का सीजन शुरू होने से पहले भारतीय किसान संघ ने धान का खरीद मूल्य बढ़ाकर ₹3,358 प्रति क्विंटल करने और वर्ष 2022-23 के बकाया धान बोनस के करीब ₹1,700 करोड़ का भुगतान करने की मांग की है। संघ ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र भेजकर खरीदी की अवधि बढ़ाने, टोकन व्यवस्था में सुधार और किसानों की अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की है। मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने पर 27 अक्टूबर को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय के घेराव की चेतावनी दी गई है।
राज्य सरकार
Karma Festival: CM विष्णुदेव साय की बड़ी घोषणाएं, कंवर समाज को 90 लाख की सौगात
Karma Festival: रायपुर में आयोजित करमा परब महोत्सव में कंवर समाज के लिए कुल 90 लाख रुपये की घोषणाएं कीं। इसमें कोरबा के मड़वारानी में सामाजिक भवन के लिए 50 लाख, रायपुर के टाटीबंध में सामाजिक भवन के लिए 25 लाख और कांकेर के ग्राम जेफरा में सांस्कृतिक मंच के लिए 15 लाख रुपये शामिल हैं। इसके अलावा, रायपुर में हर साल करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
महासमुंद
Bagbahara News : किसानों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ का धरना, ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग
Bagbahara News: भारतीय किसान संघ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। संगठन ने धान बोनस, समर्थन मूल्य, धान खरीदी, सिंचाई, बिजली, कृषि उपज के उचित मूल्य और भूमि अधिग्रहण सहित अन्य मुद्दों को लेकर शासन-प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
राज्य सरकार
हरेली तिहार : गेड़ी की खट-खट, खेतों की हरियाली और छत्तीसगढ़ी परंपराओं से सजा गांव
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में खेती-किसानी की अहम भूमिका है। प्रदेश सरकार का कहना है कि गांव, गरीब और किसान उसकी प्राथमिकताओं में हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते ढाई वर्षों में किसानों के हित में कई फैसले लिए गए हैं।