"सुकन्या समृद्धि योजना" के लिए 5 परिणाम मिले
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Angan Milan Seva: आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे डिप्टी CM विजय शर्मा, बच्चों से मिलकर हुए भावुक
Angan Milan Seva: कबीरधाम जिले के कवर्धा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र दर्रीपारा में आयोजित आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। इस दौरान बच्चों ने फूल और चित्रकारी भेंट कर उनका स्वागत किया। उप मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत कर उनकी रचनात्मकता की सराहना की और महिलाओं से महतारी वंदन योजना की राशि के उपयोग की जानकारी ली।
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Seva Sankalp Abhiyan: महतारी वंदन से स्वरोजगार तक, छत्तीसगढ़ में जनकल्याण योजनाओं ने खोली नई राह
Seva Sankalp Abhiyan: सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है। महतारी वंदन योजना, महिला समूहों को ऋण, मातृत्व सहायता और पोषण कार्यक्रमों ने कई परिवारों को आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन की दिशा दी है।
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महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त से सशक्त हुईं छत्तीसगढ़ की महिलाएं, खातों में पहुंची राशि
रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी कर छत्तीसगढ़ की पात्र महिलाओं को आर्थिक संबल दिया। 7 अगस्त 2026 को जारी किस्त के साथ अब तक 19,444 करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। योजना की राशि से महिलाएं घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे व्यवसाय में निवेश कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
महासमुंद
12 साल सेवा : गरीब, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण को समर्पित रहे मोदी के 12 वर्ष-अलका चंद्राकर
खल्लारी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने पर दुर्गा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। भाजपा नेता अलका चंद्राकर ने मोदी सरकार के कार्यकाल को गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, जनजातीय उत्थान और सुशासन का स्वर्णिम युग बताते हुए विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में हुई वृद्धि को उनकी बड़ी उपलब्धि बताया।
शिक्षा का नया रूप : छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी केंद्र बने ‘पहली पाठशाला’ के सशक्त उदाहरण
छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक पोषण केंद्रों से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और ग्रामीण रोजगार के समन्वित मॉडल के रूप में विकसित हो रहे हैं। ‘बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग एड (BALA)’ पहल के तहत बनाए गए आधुनिक भवनों में दीवारों, फर्श और सीढ़ियों को शिक्षण सामग्री में बदल दिया गया है, जिससे बच्चे खेल-खेल में सीख रहे हैं। मनरेगा के माध्यम से इन केंद्रों के निर्माण ने ग्रामीणों को रोजगार भी दिया है, जिससे आर्थिक सशक्तिकरण और पलायन में कमी आई है।