बस्तर संभाग
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जनसेवा की मिसाल : ITBP जवानों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से तैयार किया टिकाऊ पुल
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर-बस्तर स्थित दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र में आईटीबीपी की 38वीं बटालियन ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से लगभग 60 मीटर लंबा मजबूत लकड़ी और बांस का पुल बनाया है। यह पुल ओरछा थाना क्षेत्र के पास कुड़मेल गांव में तैयार किया गया है, जिससे क्षेत्र में आवागमन की बड़ी समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। इस निर्माण कार्य में आईटीबीपी जवानों ने स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए ग्रामीणों के साथ मिलकर काम किया, जिससे सुरक्षा बल और समुदाय के बीच सहयोग और विश्वास और मजबूत हुआ। पुल को इतना टिकाऊ बनाया गया है कि इससे पैदल यातायात के साथ-साथ मोटरसाइकिल भी सुरक्षित रूप से गुजर सकती है।
बस्तर में बड़ा सियासी-सुरक्षा कदम : 19 मई को अमित शाह का दौरा, नक्सलवाद के खात्मे के बाद होगी हाई लेवल मीटिंग
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 19 मई को बस्तर दौरे पर रहेंगे, जहां नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों के बाद पहली हाई लेवल सुरक्षा बैठक करेंगे। बैठक में नक्सल उन्मूलन, सुरक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा होगी। सरकार का दावा है कि नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 से घटकर 11 रह गई है और लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का है।
बस्तर में अवैध तोता कारोबार पर छापा, वन रेंजर पर हमला—मचा हड़कंप
बस्तर जिले में नवजात तोता बच्चों की अवैध बिक्री की सूचना पर फ्लाइंग स्क्वॉड ने छापा मारा। कार्रवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और आरोपियों ने वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया, जिसमें रेंजर के साथ मारपीट की गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, घायल अधिकारी को बचाया और आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बीजापुर में प्रधानाध्यापक आत्महत्या मामला : ठेकेदार गिरफ्तार, स्कूल भवन भुगतान विवाद बना तनाव की वजह
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पालनार स्कूल के प्रधानाध्यापक राजू पुजारी की आत्महत्या मामले में पुलिस ने ठेकेदार देवाशीष मंडल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि स्कूल भवन निर्माण कार्य के बकाया भुगतान को लेकर दबाव और मानसिक प्रताड़ना के चलते शिक्षक ने जंगल में फांसी लगाकर जान दे दी।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1 लाख की इनामी महिला नक्सली का आत्मसमर्पण, पुलिस की बड़ी सफलता
छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में ‘ऑपरेशन प्रयास’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 1 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली देहकी उर्फ जीत्ती ने आत्मसमर्पण कर दिया। वह 2010 से नक्सल संगठन से जुड़ी थी और रावघाट क्षेत्र में सक्रिय रही। संगठन के भीतर मतभेद, कठोर नेतृत्व और आदिवासियों के प्रति कथित अत्याचारों से परेशान होकर उसने हिंसा छोड़ने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण के बाद उसने संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास जताया। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत उसे सहायता दी जाएगी और पुलिस ने अन्य नक्सलियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।
बस्तर में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, 25 शिक्षकों को मिला AI प्रशिक्षण
बस्तर जिले में स्कूली शिक्षा को आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाने के लिए 25 शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल लर्निंग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। 15 से 17 अप्रैल तक धरमपुरा पॉलिटेक्निक कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों को कक्षा शिक्षण में AI के उपयोग और डिजिटल टूल्स की जानकारी दी गई। द पाई जैम फाउंडेशन द्वारा संचालित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्रों को 21वीं सदी के कौशल से जोड़ना है। इससे कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 10 हजार से अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा।
नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर-2 प्रोजेक्ट की शुरुआत : सीएम साय सुकमा पहुंचे, 308 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
सुकमा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 308 करोड़ रुपए के 228 विकास कार्यों की सौगात दी, जिसमें 159 का शिलान्यास और 69 का लोकार्पण शामिल है। नक्सल प्रभावित बस्तर में अब तेजी से शांति और विकास लौट रहा है—3 हजार से अधिक नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, गांवों में स्कूल और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत 1100 टीमें घर-घर जांच करेंगी, वहीं महिलाओं, आदिवासियों और दिव्यांगों को योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया है।
गांजा तस्करी का भंडाफोड़: 5.265 किलो मादक पदार्थ के साथ युवक गिरफ्तार, ओडिशा से MP ले जा रहा था खेप
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के नगरनार थाना क्षेत्र में पुलिस ने एनएच-63 के पास एक युवक को 5.265 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया।
बस्तर में नक्सलवाद को बड़ा झटका : खूंखार बटालियन कमांडर का सरेंडर, IG ने दिया अंतिम मौका
छत्तीसगढ़ के Bastar में नक्सलवाद को बड़ा झटका लगा है। PLGA बटालियन नंबर-1 के कमांडर Sodhi Kasha ने 21 साथियों और DKSZC के 10 सदस्यों के साथ सरेंडर कर दिया। इस कदम से नक्सलियों की सबसे मजबूत यूनिट कमजोर पड़ गई है और प्रशासन ने बाकी नक्सलियों को आत्मसमर्पण का अंतिम मौका दिया है।