सरकारी सूचना
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भावपूर्ण श्रद्धांजलि : पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर विधायक योगेश्वर और नेताओं ने किया नमन
महासमुंद में पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और अखंड भारत के प्रति योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलकर विकसित भारत के निर्माण का आह्वान किया।
सफलता की कहानी : समय पर खाद, बीज और कृषि ऋण से बदली किसान की तस्वीर, बढ़ा आत्मविश्वास
सुकमा जिले के किसान हड़मा राम मरकाम को जिला प्रशासन की पहल से समय पर खाद, उन्नत बीज और 3.50 लाख रुपये का कृषि ऋण मिला। इससे उन्होंने बिना किसी परेशानी के खरीफ फसल की तैयारी पूरी की। प्रशासन की निगरानी से किसानों को उचित मूल्य पर कृषि सामग्री मिल रही है, जिससे खेती आसान हुई है और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ी है।
हरी खाद का कमाल : ढैंचा से उपजाऊ बनेंगे खेत, बढ़ेगा किसानों का मुनाफा
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों को हरी खाद के उपयोग हेतु लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी पहल का सकारात्मक परिणाम सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम केशगंवा में देखने को मिला है
कच्चे मकान से पक्के घर तक : सरकारी योजनाओं का मिला सहारा, सरिता बैगा के परिवार को मिला नया जीवन
सरिता बैगा के परिवार को प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से पक्का घर और महतारी वंदन योजना से नियमित आर्थिक सहायता मिली है। इन योजनाओं के लाभ से परिवार को सुरक्षित आवास, आर्थिक संबल और सम्मानजनक जीवन का आधार मिला है, जिससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र : PHC चेरपाल ने राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर बनाई नई पहचान
बीजापुर जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चेरपाल ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के बाह्य मूल्यांकन में सफलतापूर्वक सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता से क्षेत्र के लोगों को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
पानी अभियान : 551 ग्राम पंचायतों में भू-जल संवर्धन एवं प्राकृतिक संसाधन कार्यों को प्राथमिकता दी गई
महासमुंद जिले में मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0 और मनरेगा के तहत एक वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड स्तर पर जल संरक्षण कार्य किए गए। जिले की 551 ग्राम पंचायतों में 31 करोड़ लीटर पानी भंडारण क्षमता विकसित हुई है। पहली बारिश में सभी संरचनाएं भरने से भू-जल पुनर्भरण और जल उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
किसान ने दिखाई नई राह : ढैंचा की खेती से मिट्टी होगी उपजाऊ, बसना के किसान ने पेश की मिसाल
महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के प्रगतिशील किसान हिमांशु बंजारे ने 0.80 हेक्टेयर क्षेत्र में ढैंचा की हरी खाद की फसल लगाकर जैविक एवं टिकाऊ खेती की दिशा में पहल की है। कृषि विभाग के अनुसार हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता, नाइट्रोजन की उपलब्धता, जलधारण क्षमता और फसल उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार होता है।
कृषि विभाग : किसानों के लिए जारी हुई खरीफ आकस्मिक कार्ययोजना
अल-नीनो और कम वर्षा की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ 2026 के लिए किसानों हेतु आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की है। योजना में डीएसआर तकनीक, जल संरक्षण, कम अवधि वाली फसलें और वैकल्पिक दलहनी-तिलहनी फसलों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
वैज्ञानिक प्रशिक्षण : जोरातराई की महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से आत्मनिर्भर बनाने की पहल
महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के माडा ग्राम जोरातराई में 19 महिला स्व-सहायता समूह सदस्यों को डेयरी इकाई स्वीकृत होने के बाद पशुपालन एवं डेयरी प्रबंधन का वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में पशु स्वास्थ्य, चारा प्रबंधन, साइलेज, अजोला उत्पादन और दूध उत्पादन बढ़ाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
विशेष लोक अदालत : समाधान समारोह 2026 का समापन 21-23 अगस्त को हाेगा
उच्चतम न्यायालय द्वारा आयोजित समाधान समारोह 2026 का समापन 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत के साथ होगा। इस पहल का उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों का आपसी सहमति, संवाद और सुलह के माध्यम से त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निपटारा करना है। पात्र पक्षकार ऑनलाइन आवेदन कर अपने मामलों को इस अभियान में शामिल करा सकते हैं।
आय का नया जरिया : छत्तीसगढ़ में मखाना खेती को मिलेगा बढ़ावा, 80 किसानों ने लिया प्रशिक्षण
महासमुंद और पिथौरा के 80 किसानों ने आरंग के लिंगाडीह में आयोजित प्रशिक्षण में मखाना की वैज्ञानिक खेती, बीज उत्पादन और प्रसंस्करण की जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों ने बताया कि मखाना कम जोखिम और अधिक लाभ वाली फसल है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं हैं।
फसल विविधीकरण : किसानों के लिए सुनहरा मौका, धान के बजाय दूसरी फसल उगाने पर सरकार देगी ₹15 हजार प्रति एकड़ सहायता
महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत चारभांठा में आयोजित कृषक चौपाल में किसानों को फसल विविधीकरण के लिए जागरूक किया गया। कृषि विभाग ने बताया कि धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, रागी, मक्का, कोदो, कुटकी और कपास की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ तक आदान सहायता मिलेगी।