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शिविर में मिला ट्रायसिकल
शिविर में मिला ट्रायसिकल

आत्मनिर्भरता की नई राह : सुशासन तिहार ने बदली डिगेश की दुनिया, ट्रायसिकल बनकर आई नई जिंदगी

सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम राजपुर निवासी 13 वर्षीय डिगेश अजय को ट्रायसिकल प्रदान की गई। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने डिगेश को ट्रायसिकल सौंपकर उसे आत्मनिर्भर बनने की नई राह दी।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
16 May 2026, 10:40 AM
महासमुंद

सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर अब आम लोगों के लिए राहत और उम्मीद का बड़ा माध्यम बनते जा रहे हैं। इसी कड़ी में महासमुंद जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम राजपुर निवासी 13 वर्षीय डिगेश अजय के जीवन में भी यह शिविर नई खुशियां लेकर आया। वर्षों से चलने-फिरने में असमर्थ डिगेश को शिविर में ट्रायसिकल प्रदान की गई, जिससे अब उसकी जिंदगी आसान हो गई है।

समाधान शिविर के दौरान खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने डिगेश को ट्रायसिकल सौंपकर उसका उत्साह बढ़ाया। ट्रायसिकल मिलते ही डिगेश और उसके परिवार के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। अब उसे कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वह खुद आसानी से आवागमन कर सकेगा।

डिगेश के पिता संतराम अजय ने बताया कि उनका बेटा बचपन में अन्य बच्चों की तरह खेलता-कूदता और दौड़ता था, लेकिन सात साल की उम्र में अचानक आई बीमारी ने उसकी जिंदगी बदल दी। बीमारी के बाद उसका चलना-फिरना बंद हो गया था। परिवार को उसे हर जगह ले जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

आवेदन के बाद तुरंत मिली सहायता

संतराम अजय ने बताया कि गांव में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने बेटे के लिए ट्रायसिकल हेतु आवेदन किया था। प्रशासन ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए शिविर में ही डिगेश को ट्रायसिकल उपलब्ध करा दी। शासन की इस त्वरित पहल से परिवार बेहद खुश है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार

डिगेश के पिता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इस पहल ने उनके बेटे को नई जिंदगी दी है। अब डिगेश आत्मनिर्भर बन सकेगा और अपने छोटे-बड़े काम खुद कर पाएगा। परिवार ने कहा कि सुशासन तिहार जैसे शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए वास्तव में वरदान साबित हो रहे हैं।

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