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खाद कटौती के विरोध में धरना देते किसान
खाद कटौती के विरोध में धरना देते किसान
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किसानों का फूटा गुस्सा : खाद कटौती पर रीवा में धरना, बोले- “कम खाद से घटेगी पैदावार”

रीवा, कुकरा और रसनी के किसानों ने खाद की मात्रा में कटौती के विरोध में शांतिपूर्ण धरना देकर पूर्ववत उर्वरक वितरण की मांग की। किसानों का कहना है कि नई व्यवस्था से उत्पादन घटेगा और खेती की लागत बढ़ेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपते हुए किसानों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

कीर्तिमान ब्यूरो
प्रकाशित: 16 May 2026, 07:21 PM · अपडेट: 20 May 2026, 03:13 AM
आरंग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

ग्रामीण सेवा सहकारी समिति रीवा पं.क्र. 1527 अंतर्गत आने वाले ग्राम कुकरा, रसनी और रीवा के किसानों ने रासायनिक खाद की मात्रा में की गई कटौती के विरोध में शनिवार को शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने समिति प्रबंधक जगदीश साहू को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व की तरह पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की।

धरना स्थल पर किसानों ने कहा कि शासन द्वारा नई उर्वरक अनुशंसा लागू किए जाने से खेती की लागत बढ़ेगी और उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। किसानों का कहना है कि वर्षों से वे प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया, 2 बोरी डीएपी और 1 बोरी पोटाश का उपयोग करते आ रहे हैं, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत केवल 1 बोरी यूरिया, आधा बोरी डीएपी, 1 बोरी पोटाश, 2 बोतल नैनो यूरिया और 1 बोतल नैनो डीएपी देने का प्रावधान किया गया है।

किसानों ने आरोप लगाया कि पहले शासन ने “अधिक अन्न उपजाओ” का नारा देकर रासायनिक खाद के उपयोग को बढ़ावा दिया, लेकिन अब अचानक खाद की मात्रा घटा दी गई है। इससे फसल उत्पादन कम होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने कहा कि यदि पर्याप्त खाद नहीं मिली तो उन्हें निजी दुकानों से महंगे दामों पर उर्वरक खरीदने मजबूर होना पड़ेगा, जिससे खेती घाटे का सौदा बन जाएगी।

किसानों की जरूरतों को नजरअंदाज करना अन्याय

धरना प्रदर्शन के दौरान सहकारी समिति रीवा के शेयर होल्डर एवं क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य वतन चन्द्राकर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अन्नदाता की मेहनत और उसकी जरूरतों को नजरअंदाज कर कोई भी नीति सफल नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही डीजल, बीज और मौसम की मार से परेशान हैं, ऐसे में खाद की मात्रा कम करना किसानों के साथ अन्याय है। सरकार को जमीन की वास्तविक स्थिति समझते हुए तत्काल पूर्ववत खाद वितरण व्यवस्था लागू करनी चाहिए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाई। गौरतलब है कि इससे पहले 15 मई को भानसोज सोसायटी में भी किसानों ने खाद कटौती के विरोध में धरना प्रदर्शन किया था। इससे स्पष्ट है कि क्षेत्र में उर्वरक वितरण को लेकर किसानों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है।

धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से दौलत साहू, हरि बंजारे, सुकुल साहू, दिलीप कुर्रे, रमेश चन्द्राकर, अश्वनी, शोभाराम, संतोष, बेनु राम, बिष्णु साहू, घनाराम, मेघनाथ, हेमलाल, हेमू, मिलु, नोहर सिन्हा और प्रदीप साहू सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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