सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रजपुरी कला में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव में घुसे एक जंगली बंदर ने ऐसा उत्पात मचाया कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई। बंदर ने एक घर में घुसकर पालने में सो रहे महज 5 माह के मासूम बच्चे को उठा लिया और कुछ दूरी पर ले जाकर पानी से भरे ड्रम में डाल दिया। घटना के बाद परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में हड़कंप मच गया। घायल बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंगली बंदर अचानक गांव की बस्ती में आ गया और इधर-उधर दौड़ते हुए लोगों को डराने लगा।
बस्ती में घुसते ही मचा अफरा-तफरी का माहौल
बंदर के आक्रामक व्यवहार से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। अपनी सुरक्षा के लिए लोग जल्दबाजी में घरों के अंदर छिप गए। इसी दौरान बंदर एक मकान में घुस गया, जहां परिवार के सदस्य दूसरे काम में व्यस्त थे और पालने में एक 5 माह का मासूम आराम से सो रहा था। घर के अंदर पहुंचते ही बंदर ने पालने में सो रहे बच्चे को उठा लिया।
पालने से उठाकर ड्रम में डाल दिया
परिजन कुछ समझ पाते, उससे पहले वह बच्चे को लेकर बाहर निकल गया। थोड़ी दूरी पर रखे पानी से भरे नीले ड्रम के पास पहुंचकर उसने बच्चे को उसमें डाल दिया। यह दृश्य देखकर परिजनों और आसपास के लोगों के होश उड़ गए। किसी तरह साहस जुटाकर परिजनों ने तुरंत बच्चे को ड्रम से बाहर निकाला और उसकी जान बचाने की कोशिश की।गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया बच्चा
घटना के तुरंत बाद परिजन घायल मासूम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने बच्चे का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायल बच्चे की पहचान त्रिशिका प्रजापति (उम्र लगभग 5 माह), पिता सुदर्शन प्रजापति, निवासी ग्राम रजपुरी कला, लखनपुर के रूप में हुई है। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में बच्चे का उपचार जारी है।
ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से कार्रवाई की मांग
इस घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली बंदरों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई करते हुए बंदर को पकड़ने, उसे आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।