अटल नगर (नया रायपुर) क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में ड्रोन सर्वे के आधार पर तैयार की जा रही आबादी रिपोर्ट को लेकर विरोध शुरू हो गया है। पलौद समेत कई पंचायतों के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से आबाद मकानों और आवासीय जमीनों को सर्वे में आबादी क्षेत्र से बाहर दिखा दिया गया है। इसे लेकर अटल नगर सरपंच संघ ने रायपुर कलेक्टर और मंदिर हसौद तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर सर्वे की त्रुटियां सुधारने की मांग की है।
सरपंच संघ का कहना है कि केवल ड्रोन से किए गए हवाई सर्वे के आधार पर आबादी तय करने से जमीनी हकीकत सामने नहीं आ रही है। कई ऐसे परिवार प्रभावित हुए हैं, जो पीढ़ियों से उसी स्थान पर रह रहे हैं, लेकिन उनकी जमीन को आबादी में शामिल नहीं किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को बताया कि यदि समय रहते सर्वे में सुधार नहीं किया गया तो प्रभावित ग्रामीणों को भविष्य में नामांतरण, राजस्व रिकॉर्ड, भवन निर्माण अनुमति और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी होगी।
पंचायतों में संयुक्त सर्वे और दावा-आपत्ति शिविर की मांग
सरपंच संघ ने मांग की है कि ड्रोन सर्वे के आंकड़ों पर ही अंतिम निर्णय लेने के बजाय राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत और ग्रामीणों की मौजूदगी में दोबारा संयुक्त भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रभावित पंचायत में दावा-आपत्ति शिविर लगाकर लोगों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाए, ताकि वास्तविक बसाहट को आबादी क्षेत्र में शामिल किया जा सके।
बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधि
ज्ञापन सौंपने के दौरान अटल नगर सरपंच संघ के अध्यक्ष एवं पलौद सरपंच हेमकुमार मरकण्डे, संघ की सचिव राजेश्वरी कैलाश आदिल सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच और ग्रामीण प्रतिनिधि मौजूद रहे। संघ ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन जनहित को देखते हुए मामले में जल्द निर्णय लेकर सर्वे की त्रुटियों का निराकरण करेगा।