दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के तहत गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाने वाले मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का एक और मौका मिलेगा। 24 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। यह प्रक्रिया 23 सितंबर तक चलेगी।
जिन मतदाताओं ने गणना प्रपत्र तो जमा किया है, लेकिन उसमें वर्ष 2002 के SIR से संबंधित जानकारी दर्ज नहीं की है या जिनके पुराने रिकॉर्ड का मिलान उपलब्ध डेटाबेस से नहीं हो पा रहा है, उन्हें निर्वाचन अधिकारी (ERO) की ओर से नोटिस दिया जा सकता है। ऐसे मतदाताओं को अपनी पात्रता साबित करने के लिए निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
फॉर्म जमा नहीं करने वालों के लिए भी मौका
घर का पता बदलने, अनुपस्थित रहने या किसी अन्य कारण से जिन मतदाताओं तक गणना प्रपत्र नहीं पहुंच पाया अथवा जिन्होंने फॉर्म जमा नहीं किया, वे दावा-आपत्ति की अवधि में फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। संबंधित आवेदनों और दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में जोड़े जाएंगे।
24 अगस्त को जारी होगी ड्राफ्ट सूची
दिल्ली में SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची 24 अगस्त को प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 23 सितंबर तक मतदाता अपने नाम को लेकर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। जिन पात्र लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं होगा, उनके लिए यह अवधि महत्वपूर्ण होगी। निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया के मुताबिक, दावा-आपत्ति के दौरान प्राप्त आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।27 अक्टूबर को आएगी अंतिम मतदाता सूची
SIR की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 27 अक्टूबर को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसलिए जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं आता है या जिनका गणना प्रपत्र जमा नहीं हुआ है, उन्हें 24 अगस्त से 23 सितंबर के बीच निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा करना होगा।
पुराने रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने पर नोटिस
गणना प्रपत्रों में दी गई जानकारी का पुराने मतदाता रिकॉर्ड और उपलब्ध डेटाबेस से मिलान किया जा रहा है। यदि किसी मतदाता का पुराना रिकॉर्ड नहीं मिलता या जानकारी का मिलान नहीं हो पाता, तो संबंधित ERO नोटिस जारी कर सकता है। इसके बाद मतदाता को अपनी पात्रता के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।रोहिणी में सबसे ज्यादा फॉर्म जमा
गणना प्रपत्र जमा करने के मामले में रोहिणी सबसे आगे रहा। यहां 83.43 फीसदी यानी 1,25,478 मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त हुए। वहीं तुगलकाबाद में सबसे कम 52.15 फीसदी फॉर्म जमा हुए। ओखला में 54.67 फीसदी और आरके पुरम में 55.54 फीसदी मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त हुए। क्षेत्रवार आंकड़ों में दक्षिण दिल्ली में 56.32 फीसदी फॉर्म जमा हुए, जो सबसे कम है। इसके विपरीत उत्तरी दिल्ली में 75.68 फीसदी मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा हुए हैं।
इन 12 दस्तावेजों से हो सकता है सत्यापन
SIR के दौरान पात्रता साबित करने के लिए निर्धारित श्रेणियों के दस्तावेज सहायक हो सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- केंद्र या राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
- 1 जुलाई 1987 से पहले केंद्र या राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, बैंक, डाकघर, LIC या PSU द्वारा जारी पहचान पत्र, प्रमाणपत्र या अन्य दस्तावेज।
- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
- पासपोर्ट।
- मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय का मैट्रिक प्रमाण पत्र।
- सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
- वन अधिकार प्रमाणपत्र।
- OBC, SC, ST या अन्य जाति प्रमाण पत्र।
- जहां लागू हो, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) से संबंधित दस्तावेज।
- राज्य या स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार पारिवारिक रजिस्टर।
- सरकार की ओर से जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र।
- निर्धारित निर्देशों के अनुसार आधार।
47 लाख से ज्यादा मतदाताओं के फॉर्म नहीं हुए जमा
दिल्ली में कुल 1,45,10,299 पंजीकृत मतदाताओं में से 97,47,879 मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 47.62 लाख मतदाताओं के फॉर्म इस चरण में जमा नहीं हो सके। ऐसे मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल न होने की स्थिति में दावा-आपत्ति चरण में आवेदन का अवसर मिलेगा।गणना चरण के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं को प्रपत्र उपलब्ध कराए थे। सोमवार तक 67.18 फीसदी यानी 47,62,420 मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए थे और निर्वाचन कार्यालय के अनुसार इन प्रपत्रों को डिजिटाइज भी किया गया है।
47 लाख से ज्यादा मतदाताओं के फॉर्म नहीं हुए जमा
दिल्ली में कुल 1,45,10,299 पंजीकृत मतदाताओं में से 97,47,879 मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 47.62 लाख मतदाताओं के फॉर्म इस चरण में जमा नहीं हो सके। ऐसे मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल न होने की स्थिति में दावा-आपत्ति चरण में आवेदन का अवसर मिलेगा।गणना चरण के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर जाकर मतदाताओं को प्रपत्र उपलब्ध कराए थे। सोमवार तक 67.18 फीसदी यानी 47,62,420 मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए थे और निर्वाचन कार्यालय के अनुसार इन प्रपत्रों को डिजिटाइज भी किया गया है।
अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं के नाम भी हटाए जाएंगे
निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार फॉर्म जमा नहीं होने का कारण केवल यह नहीं है कि मतदाता ने प्रपत्र नहीं भरा। SIR के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की भी पहचान की गई है। इसके अलावा डुप्लीकेट नामों को भी सूची से हटाने की प्रक्रिया की गई है।
अब 24 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद 23 सितंबर तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इसके बाद सत्यापन और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करके 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।