निःशुल्क : अस्पताल परिजनों के लिए रोटरी की पहल, 365 दिन चलेगी अन्न सेवा
डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय परिसर में रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मो डिवास की पहल पर ‘निःशुल्क अन्न सेवा–365 दिन’ अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत अस्पताल में भर्ती मरीजों के जरूरतमंद परिजनों को पूरे वर्ष प्रतिदिन स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान का शुभारंभ करते हुए इसे मानव सेवा और संवेदनशीलता का उदाहरण बताया। रोटरी क्लब की इस पहल में कई सामाजिक संस्थाएं सहयोग कर रही हैं, जिसका उद्देश्य इलाज के दौरान परिजनों को भोजन की चिंता से राहत देना है।
कीर्तिमान डेस्क
29 Jul 2026, 05:39 PM
रायपुर
सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल पेश करते हुए रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मो डिवास की ओर से राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय परिसर में ‘निःशुल्क अन्न सेवा–365 दिन’ अभियान का शुभारंभ किया गया। इस जनहितकारी पहल का उद्देश्य अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ रहने वाले ऐसे जरूरतमंद परिजनों की मदद करना है, जो इलाज के दौरान आर्थिक और मानसिक परेशानियों से गुजरते हैं। इस अभियान के तहत अस्पताल परिसर में पूरे वर्ष प्रतिदिन जरूरतमंद मरीजों के परिजनों को निःशुल्क, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। संस्था का उद्देश्य है कि इलाज के कठिन समय में परिवार के सदस्यों को भोजन की चिंता से राहत मिले और वे अपना पूरा ध्यान मरीज की देखभाल पर केंद्रित कर सकें। इस सेवा अभियान के संचालन में ‘कुछ फर्ज हमारा भी’ संस्था सहयोगी के रूप में जुड़ी है। वहीं रोटरी क्लब ऑफ रायपुर इन्फिनिटी सहयोगी संस्था और रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मोपॉलिटन समर्थक संस्था के रूप में इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी निभा रही हैं।
अभियान का शुभारंभ
‘निःशुल्क अन्न सेवा–365 दिन’ अभियान का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं मरीजों के परिजनों को भोजन वितरित कर इस सेवा कार्य की शुरुआत की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले कई परिवार पहले ही आर्थिक, सामाजिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे होते हैं। ऐसे समय में भोजन जैसी मूलभूत आवश्यकता की व्यवस्था करना मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मो डिवास की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में करुणा, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को मजबूत करने वाला प्रयास है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सेवा अभियान पूरे वर्ष सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत और सहारा बनेगा।
365 दिन चलेगी सेवा की रसोई
सेवा सबसे बड़ा धर्म
कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसके सेवा कार्यों और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता से होती है। उन्होंने कहा कि रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मो डिवास ने जिस सोच और समर्पण के साथ इस अभियान की शुरुआत की है, वह अन्य सामाजिक संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा का काम करेगा। अस्पताल में इलाज के दौरान कई परिवार भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए परेशान होते हैं। ऐसे लोगों तक सहायता पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है। महापौर ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा से बढ़कर कोई बड़ा धर्म नहीं है। इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ लोगों के बीच सहयोग और मानवीय भावना को बढ़ावा देते हैं।
निरंतर चलाने का संकल्प
रोटरी क्लब ऑफ रायपुर कॉस्मो डिवास की अध्यक्ष नेहा जैन ने कहा कि ‘निःशुल्क अन्न सेवा–365 दिन’ अभियान की परिकल्पना लंबे समय से उनके मन में थी। उनका उद्देश्य था कि अस्पताल में मरीजों के साथ रहने वाले परिजनों को कम से कम भोजन की चिंता से मुक्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि बीमारी के समय परिवार पहले ही कई परेशानियों से गुजरता है। ऐसे में यदि उन्हें समय पर भोजन उपलब्ध हो जाए तो यह उनके लिए बड़ी राहत साबित होती है। जरूरतमंदों की सेवा से मिलने वाली दुआएं ही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता और सम्मान हैं। नेहा जैन ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी सामाजिक संस्थाओं, सदस्यों और सहयोगियों के प्रयास से यह अभियान केवल 365 दिनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में भी लगातार जारी रहेगा और अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक इसका लाभ पहुंचेगा।
सेवा का संकल्प, जरूरतमंदों के लिए भोजन की पहल
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
कार्यक्रम की चेयरपर्सन डॉ. रश्मि दुबे ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि अस्पताल में मरीजों के साथ रहने वाले परिजनों की परेशानियों को कम करना भी है। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान परिजनों को कई बार मरीज की देखभाल के साथ-साथ भोजन की व्यवस्था के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे समय में यह पहल उन्हें सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराकर मानसिक राहत देने का कार्य करेगी। डॉ. रश्मि दुबे ने कहा कि किसी जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना और उसके चेहरे पर मुस्कान लाना ही सच्ची सेवा है। समाज में ऐसे प्रयासों की जरूरत है, जो लोगों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए प्रेरित करें।
अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प
अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में रोटरी क्लब के पदाधिकारी, सदस्य, समाजसेवी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने इस सेवा कार्य को समाज के प्रति जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बताया। उपस्थित लोगों ने कहा कि अस्पताल में इलाज के दौरान मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए यह पहल बेहद उपयोगी साबित होगी। उन्होंने अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक इसका लाभ पहुंचाने का संकल्प लिया। ‘निःशुल्क अन्न सेवा–365 दिन’ अभियान मानव सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाला एक सराहनीय प्रयास बनकर सामने आया है।