जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर-7 स्थित परशुराम चौक में सामने आई एक घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि फांसी लगाने की कोशिश करने वाली महिला को पुलिसकर्मियों ने मौके पर ही मृत मान लिया और कमरे में ताला लगाकर चले गए। करीब दो घंटे बाद पंचनामा करने पहुंची पुलिस ने जब ताला खुलवाया, तो महिला जिंदा मिली। इसके बाद उसे तत्काल निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
तीन बच्चों के साथ किराए पर रहती थी महिला
जानकारी के अनुसार, महिला पिछले करीब 10 वर्षों से परशुराम चौक स्थित एक किराए के मकान में अपने तीन बच्चों के साथ रह रही है। घटना के समय उसके तीनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। इसी दौरान महिला ने घर के अंदर रस्सी के सहारे फांसी लगाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि रस्सी कमजोर होने के कारण टूट गई और महिला नीचे गिरकर बेसुध हो गई। स्कूल से लौटने के बाद बच्चों ने अपनी मां को आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने महिला को बेसुध अवस्था में देखा और मकान मालिक को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
कमरे का ताला खुलते ही उड़े होश
पुलिस की मौजूदगी में कमरे का ताला खोला गया तो महिला की सांसें चल रही थीं। महिला को जीवित देखकर मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। इसके बाद महिला को आनन-फानन में एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। महिला की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के बाद महिला के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
महिला को मृत मानकर पुलिस ने लगाया ताला
परिजनों का आरोप है कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने महिला को मृत मान लिया और उसके कमरे में ताला लगाकर चले गए। पुलिसकर्मियों ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि कुछ देर बाद टीम पंचनामा करने पहुंचेगी। साथ ही पुलिस के लौटने तक कमरे का ताला नहीं खोलने की हिदायत दी गई। इसके बाद परिजन और आसपास के लोग पुलिस का इंतजार करते रहे। करीब दो घंटे बाद एक महिला कांस्टेबल और दो अन्य पुलिसकर्मी पंचनामा की कार्रवाई के लिए पहुंचे।
लापरवाही पर कार्रवाई की मांग
उनका कहना है कि यदि महिला की ठीक तरीके से जांच कर उसे समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता, तो करीब दो घंटे पहले ही उपचार मिल सकता था। परिवार और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस घटना पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। महिला की मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस के बयान के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।