उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शादी के नाम पर ठगी और हनीट्रैप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने वाले कथित गिरोह का रजपुरा थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में लक्ष्मी, उसके पति प्रमोद उर्फ पालू और वीरेंद्र उर्फ छोटे को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े बताए जा रहे वेदप्रकाश और राजकुमार की तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे, जिनकी शादी नहीं हुई थी या जिनकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी।महिला पहले मोबाइल फोन के जरिए उनसे संपर्क करती और कई दिनों तक बातचीत कर उनका भरोसा जीतती थी। इसके बाद मिलने के बहाने उन्हें एक किराये के कमरे में बुलाया जाता था, जहां कथित तौर पर पहले से हिडन कैमरा लगा होता था।
वीडियो प्रसारित करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के अनुसार, कमरे में संबंधित व्यक्ति का आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद गिरोह के सदस्य उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने की धमकी देते थे। इसके साथ ही दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की बात कहकर मोटी रकम मांगी जाती थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में अब तक ऐसे पांच मामले सामने आने की बात कही गई है।
आरोप है कि गिरोह ने कुछ लोगों से ब्लैकमेलिंग के जरिए रुपए वसूले, जबकि कुछ को शादी कराने का झांसा देकर ठगा। जो व्यक्ति प्रेमजाल में नहीं फंसता था, उससे 40 से 50 हजार रुपए लेकर शादी कराने की बात कही जाती थी। इसके बाद लक्ष्मी दुल्हन बनकर उसके घर पहुंचती और मौका मिलते ही जेवर, नकदी एवं अन्य कीमती सामान लेकर वहां से निकल जाती थी।
पांच लाख रुपए मांगने की शिकायत से खुला मामला
मामले का खुलासा देवपुरा निवासी होराम सिंह की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने 20 अगस्त को रजपुरा थाने पहुंचकर आरोप लगाया कि आपत्तिजनक वीडियो सार्वजनिक करने और दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उनसे पांच लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच में गिरोह के सदस्यों की अलग-अलग भूमिकाओं की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, राजकुमार और वेदप्रकाश शादी की इच्छा रखने वाले लोगों की पहचान करते थे। महिला उन्हें जाल में फंसाती थी, जबकि वीरेंद्र शादी के बाद उसे संबंधित व्यक्ति के घर से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करता था।
मंदिर के पास से तीन आरोपियों को पकड़ा
पुलिस ने 21 अगस्त की सुबह लक्ष्मी, प्रमोद उर्फ पालू और वीरेंद्र उर्फ छोटे को सिंघौली कल्लू मंदिर के पास से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से दो जोड़ी पाजेब, मंगलसूत्र, घड़ी, अंगूठी, सिंदूर की शीशी, नेल पॉलिश, बिंदी, लाल लहंगा-चुन्नी, हिडन कैमरा, महिलाओं का पर्स और 40 हजार रुपए बरामद किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि इन वस्तुओं का इस्तेमाल कथित तौर पर शादी का दिखावा करने और लोगों को फंसाने के लिए किया जाता था। आरोपी प्रमोद का आपराधिक इतिहास करीब 16 वर्ष पुराना बताया गया है। उसके खिलाफ गुन्नौर और रजपुरा थानों में वर्ष 2010 और 2011 में हत्या के प्रयास तथा आर्म्स एक्ट समेत कई धाराओं में मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।
दूसरे पीड़ितों की जानकारी जुटा रही पुलिस
पुलिस अब फरार वेदप्रकाश और राजकुमार की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह कब से सक्रिय था, कितने लोगों को निशाना बनाया गया और ब्लैकमेलिंग या शादी के नाम पर कितनी रकम वसूली गई।
पुलिस आरोपियों की तस्वीरों का प्रचार-प्रसार करने की तैयारी भी कर रही है, ताकि उनके झांसे में आए अन्य लोग सामने आकर शिकायत दर्ज करा सकें। अधिकारियों का कहना है कि जांच में मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।