आदिवासी और दूरस्थ इलाकों में लंबे समय से बनी शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू करते हुए रिक्त पदों को भरने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस भर्ती के माध्यम से प्रदेश के अनुसूचित और आदिवासी बहुल जिलों के स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। डीपीआई द्वारा जारी निर्देश के अनुसार सहायक शिक्षक ई संवर्ग, सहायक शिक्षक टी संवर्ग और दिव्यांग वर्ग के रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। कुल 5,860 पदों पर भर्ती होगी, जिसमें सहायक शिक्षक ई व टी संवर्ग के 5,494 पद और दिव्यांग वर्ग के लिए 366 पद शामिल हैं। इससे प्रदेश के उन क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है, जहां शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
विज्ञापन के आधार पर बढ़ेगी भर्ती प्रक्रिया
स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2023 में जारी किए गए संक्षिप्त विज्ञापन के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। जिला संवर्ग के रिक्त पदों को भरने के लिए पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके अलावा सहायक शिक्षक टी संवर्ग के पदों में वर्ष 2019 की सीधी भर्ती के दौरान रिक्त रह गए पदों को भी शामिल किया गया है। विभाग का उद्देश्य लंबे समय से खाली पड़े पदों को जल्द भरकर स्कूलों में नियमित शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
अभ्यर्थियों को मिलेगी छूट
इस भर्ती में विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी गई है। डीपीआई ने नियुक्ति के समय डीएलएड और शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता में छूट देने का निर्णय लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के 10 जनवरी 2013 के परिपत्र के अनुसार विशेष पिछड़ी जनजातियों के अभ्यर्थियों को दी गई यह छूट पहले की तरह लागू रहेगी। विभाग का मानना है कि इससे दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के स्थानीय युवाओं को शिक्षक बनने का बेहतर अवसर मिलेगा और स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी।शिक्षक भर्ती की शैक्षणिक योग्यता
सहायक शिक्षक पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी का उच्च माध्यमिक (हायर सेकंडरी) परीक्षा में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा। इसके साथ ही अभ्यर्थी के पास डीएलएड (डीएड) या बीएलएड की योग्यता होना जरूरी है। प्राथमिक स्तर की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण अभ्यर्थी ही सामान्य प्रक्रिया के तहत भर्ती में शामिल हो सकेंगे। हालांकि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उम्मीदवारों के लिए डीएलएड और टीईटी संबंधी छूट नियुक्ति नियमों के अनुसार जारी रहेगी।
सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा
सहायक शिक्षक पदों पर चयन प्रक्रिया छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) के माध्यम से पूरी की जाएगी। भर्ती परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
आवेदन की तारीख, परीक्षा कार्यक्रम और अन्य जरूरी जानकारी विभाग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर व्यापम की वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचनाओं को देखते रहें।
जिलों में होगी शिक्षकों की नियुक्ति
इस भर्ती के जरिए प्रदेश के आदिवासी बहुल और अनुसूचित क्षेत्रों में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इनमें बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले शामिल हैं। इन जिलों के कई स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों के पद खाली थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। नई भर्ती के बाद इन क्षेत्रों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत होने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलने की उम्मीद है।स्कूलों को मिलेगा फायदा
सरकार का मानना है कि सहायक शिक्षक भर्ती से जहां एक ओर युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति होने से बच्चों को नियमित पढ़ाई, बेहतर मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। खासकर दूरस्थ वन क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।