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संयुक्त बैठक में सचिव शंगीता आर. का सख्त संदेश
संयुक्त बैठक में सचिव शंगीता आर. का सख्त संदेश

सुशासन की नई दिशा : सचिव शंगीता आर. की संयुक्त बैठक, विकास और जवाबदेही पर कड़े निर्देश

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव शंगीता आर. ने प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक कर सुशासन, जवाबदेही और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने स्वच्छता, जल संरक्षण, प्रधानमंत्री आवास योजना, वित्तीय अनुशासन और जनप्रतिनिधियों के सम्मान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
15 May 2026, 12:45 PM
रायपुर

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव शंगीता आर. ने आज विभागीय अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नोडल अधिकारियों सहित प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में सुशासन, जवाबदेही, जनसेवा और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। उल्लेखनीय है कि पहली बार प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों का संपूर्ण अमला एक साथ इस समीक्षा में शामिल हुआ।

सचिव ने कहा कि नगरीय निकाय राज्य शासन का वास्तविक चेहरा हैं और शहरों का विकास ही राज्य के समग्र विकास की पहचान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल, बेहतर स्वच्छता, मूलभूत सुविधाएं और कचरामुक्त शहर उपलब्ध कराना प्राथमिक दायित्व है। उन्होंने चेतावनी दी कि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद लापरवाही, अनियमितता या बहानेबाजी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

सभी आयुक्तों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने निकायों की समस्याओं का स्पष्ट और समयबद्ध कार्ययोजना के साथ समाधान सुनिश्चित करें। स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनका प्रभावी निराकरण और योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन अनिवार्य बताया गया।

जनप्रतिनिधियों के सम्मान और समन्वय पर जोर

सचिव ने जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय को “थंब रूल” बताते हुए कहा कि महापौर, अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में अभद्र व्यवहार या अनावश्यक टकराव स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि अधिकारी नियमों के तहत स्वतंत्र रूप से कार्य करें, लेकिन संवाद और व्यवहार में मर्यादा बनाए रखें।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और निकायों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही पर सख्त कार्रवाई तय है।

नोडल अधिकारियों की भूमिका होगी मार्गदर्शक

नव नियुक्त नोडल अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, समीक्षा और मार्गदर्शन की जिम्मेदारी दी गई। उन्हें निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही वार्ड स्तर पर जिम्मेदारी तय करने पर भी बल दिया गया, ताकि जवाबदेही मजबूत हो सके।

प्रत्येक सप्ताह संभागवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और मासिक विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित करने की बात भी कही गई।

स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर विशेष फोकस

सचिव ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक निस्तारण और स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के गंभीर अध्ययन और उनके कड़ाई से पालन पर जोर दिया गया।

बैठक में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, भूजल संरक्षण और जल संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर दिया गया। भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित करने और पीएचई विभाग के साथ समन्वय कर भूजल स्तर की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए। हैंडपंप रिचार्ज और सोक-पिट जैसे स्थानीय मॉडल अपनाने पर भी बल दिया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा करते हुए सचिव ने कहा कि यह केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा का विषय है। उन्होंने पात्र हितग्राहियों की पहचान वार्डवार सर्वे के माध्यम से सुनिश्चित करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

वित्तीय अनुशासन और न्यायालयीन मामलों पर सख्ती

15वें वित्त आयोग और अन्य मदों के फंड के पारदर्शी एवं जिम्मेदार उपयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राशि का उपयोग केवल जनता के हित में होना चाहिए। सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और न्यायालयीन मामलों में तथ्यात्मक, मजबूत और समयबद्ध जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में आंगनबाड़ियों, स्वास्थ्य केंद्रों, पेंशन केंद्रों और मॉडल स्कूलों के उन्नयन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि नगरीय निकाय केवल निर्माण तक सीमित न रहकर सामाजिक विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा सकें।

बैठक में सूडा के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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