नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के तत्कालीन मुख्य अभियंता भागीरथी वर्मा के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने जांच पूरी करने के बाद विशेष न्यायालय रायपुर में करीब 1500 पन्नों का अभियोग-पत्र पेश किया है। जांच में वर्ष 2019 से 2021-22 के बीच अवैध कमीशन के रूप में 1 करोड़ 68 लाख 52 हजार रुपए नकद और 7 लाख 77 हजार 582 रुपए की मूल्यवान सामग्री लिए जाने से जुड़े साक्ष्य सामने आने की बात कही गई है। EOW के मुताबिक इस तरह कुल 1 करोड़ 76 लाख 29 हजार 582 रुपए का असम्यक लाभ प्राप्त करने से संबंधित सामग्री जांच में जुटाई गई है।
आरोप है कि भागीरथी वर्मा ने वर्ष 2019 से 2023 तक मुख्य अभियंता के पद पर रहते हुए विभिन्न नगरीय निकायों में निविदा के काम दिलाने और किए गए कार्यों के बिलों का भुगतान कराने के बदले 25 प्रतिशत अवैध कमीशन की मांग की थी।
25 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप
इस संबंध में शिकायतकर्ता राघवेन्द्र तिवारी ने भागीरथी वर्मा उर्फ भागीरथ वर्मा के खिलाफ EOW मुख्यालय रायपुर में शिकायत की थी। शिकायत की जांच के बाद 15 जून 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 11 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान रायपुर और बिलासपुर में छह तथा मध्यप्रदेश के उज्जैन में दो स्थानों सहित कुल आठ ठिकानों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान संपत्तियों से जुड़े अभिलेख, महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य सामग्री जब्त कर जांच के दायरे में ली गई।
बैंक ट्रांजेक्शन की भी हुई जांच
EOW ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच हुई WhatsApp चैट के साथ बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों तथा गवाहों के बयानों की जांच की। एजेंसी के मुताबिक विवेचना में आरोपी के निर्देश पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर किए जाने से संबंधित कड़ियां भी सामने आईं। जांच में सहयोग किराना स्टोर्स के खाते में 55 हजार रुपए, ओम किराना स्टोर्स में 75 हजार रुपए, महेन्द्र सागर भोई के खाते में 60 हजार रुपए और कम्प्यूटर ऑपरेटर चुम्मन साहू के खाते में 20 हजार रुपए ट्रांसफर किए जाने से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए। इस तरह इन खातों में कुल 2.10 लाख रुपए के बैंक और डिजिटल ट्रांसफर की जानकारी सामने आई।अंगूठियां और टाइल्स देने का आरोप
अभिलेखों में ओमप्रकाश पैकरा के खाते में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए जाने का भी अलग से उल्लेख किया गया है। विवेचना के दौरान नकद राशि के अलावा मूल्यवान सामान दिए जाने से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। EOW की जांच के अनुसार वर्ष 2019 में आरोपी को 32.65 लाख रुपए नकद देने के साथ 40,250 रुपए मूल्य की दो हीरे की अंगूठियां दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद वर्ष 2019-20 में आरोपी के आवास के लिए 3 लाख 39 हजार 862 रुपए के टाइल्स और ग्रेनाइट उपलब्ध कराए जाने से जुड़े दस्तावेज मिले। जांच एजेंसी के अनुसार वर्ष 2020 में भी अलग-अलग माध्यमों से कुल 42.65 लाख रुपए कमीशन के रूप में दिए जाने से संबंधित साक्ष्य जुटाए गए हैं। इन लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड को भी अभियोग-पत्र का हिस्सा बनाया गया है।


