सजा काट रहे कैदियों के लिए शिक्षा सुधार और पुनर्वास का जरिया बन रही है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के जरिए SSC यानी 10वीं की परीक्षा देने वाले 108 कैदियों में से 78 ने सफलता हासिल की है। जेल और सुधार सेवाओं की महानिदेशक (DG) डॉ. सौम्या मिश्रा ने सफल कैदियों को प्रमाणपत्र दिए और उनकी उपलब्धि को देखते हुए सजा में विशेष छूट देने की घोषणा की है। SSC परीक्षा में शामिल कैदियों ने तेलंगाना जेल विभाग और NIOS के बीच हुए समझौते के तहत 10वीं के कार्यक्रम में दाखिला लिया था। इसके बाद करीब एक साल तक उनकी नियमित कक्षाएं संचालित की गईं।
नियमित पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी
सरकारी और निजी शिक्षकों की मदद से कैदियों ने पढ़ाई के साथ मॉक टेस्ट और प्री-बोर्ड परीक्षाएं भी दीं। जेल प्रशासन ने परीक्षा की तैयारी के लिए उन्हें जरूरी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। परीक्षा में सबसे अधिक सफलता चेर्लापल्ली सेंट्रल जेल के कैदियों को मिली। यहां से 56 कैदियों ने SSC परीक्षा पास की। निजामाबाद सेंट्रल जेल के 15 कैदी सफल हुए, जबकि हैदराबाद की महिला स्पेशल जेल की 7 महिला कैदियों ने भी परीक्षा पास की। जेल विभाग के अनुसार, 47 अन्य कैदियों ने भी SSC की पढ़ाई के लिए नया दाखिला लिया है।
कैदियों की सजा में मिलेगी छूट
10वीं के बाद 12वीं की पढ़ाई का मौका
SSC परीक्षा पास करने वाले कैदियों की पढ़ाई यहीं समाप्त नहीं होगी। जेल विभाग उन्हें NIOS के माध्यम से सीनियर सेकेंडरी यानी 12वीं तक की शिक्षा पूरी करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे जेल में रहते हुए भी कैदी अपनी शैक्षणिक योग्यता को आगे बढ़ा सकेंगे और भविष्य के लिए बेहतर विकल्प तैयार कर सकेंगे। 12वीं पूरी करने के बाद कैदी चेर्लापल्ली जेल स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी स्टडी सेंटर के जरिए BA की पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा चेर्लापल्ली में संचालित ITI में तकनीकी और व्यावसायिक कोर्स करने का अवसर भी मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य कैदियों को कौशल देकर रोजगार के योग्य बनाना और सजा पूरी होने के बाद उन्हें आत्मनिर्भर जीवन शुरू करने में मदद करना है।