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Bilaspur gaushala cattle deaths (Image Source: Keertiman Media)
Bilaspur gaushala cattle deaths (Image Source: Keertiman Media)
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Bilaspur News: झलमला गौठान में 20 से ज्यादा मवेशियों की मौत, ग्रामीणों ने व्यवस्था उठाए सवाल

Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र स्थित झलमला गांव से मवेशियों की मौत का मामला सामने आया है। गांव में बनाए गए अस्थायी गौठान में पिछले दो दिनों के भीतर बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत होने का दावा ग्रामीणों ने किया है। ग्रामीणों का कहना है कि गौठान में रखे गए 20 से अधिक मवेशियों की जान चली गई है।

कीर्तिमान डेस्क | रोशनी पटेल
प्रकाशित: 28 Sep 2026, 02:41 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
बिलासपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र स्थित झलमला गांव से मवेशियों की मौत का मामला सामने आया है जहाँ गांव में बनाए गए अस्थायी गौठान में पिछले दो दिनों के भीतर बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत होने का दावा ग्रामीणों ने किया है। ग्रामीणों का कहना है कि गौठान में रखे गए 20 से अधिक मवेशियों की जान चली गई है वहीं, झलमला गांव के सरपंच धनलाल साहू ने 14 मवेशियों की मौत की पुष्टि की है। घटना के बाद गांव में चिंता का माहौल है और ग्रामीणों ने मवेशियों की मौत के कारणों की जांच कराने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण अस्थायी गौठान परिसर की स्थिति बेहद खराब हो गई है जिसमें बारिश का पानी जमा होने से पूरे परिसर में जगह-जगह कीचड़ फैल गया है, जिसके कारण मवेशियों को चलने-फिरने और आराम करने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कीचड़ और गंदगी के बीच लंबे समय तक रहने से पशुओं की सेहत पर भी असर पड़ सकता है।  

चारा, पानी और बारिश से बचाव की सुविधा नहीं होने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अस्थायी गौठान में मवेशियों के लिए जरूरी सुविधाओं का अभाव है। उनका कहना है कि पशुओं को पर्याप्त चारा, साफ पानी और बारिश से बचाने के लिए उचित शेड की व्यवस्था नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो महीने पहले खुले मैदान में फेंसिंग कर इस अस्थायी गौठान का निर्माण किया गया था, लेकिन यहां स्थायी व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण मवेशियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से गौठान की व्यवस्थाओं की जांच कर जरूरी सुधार करने की मांग की है। 

 ग्रामीणों ने प्रशासन से जांच और बेहतर व्यवस्था की मांग की

मवेशियों की मौत के मामले के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गौठान में मौजूद पशुओं की सुरक्षा, भोजन और स्वास्थ्य की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि मवेशियों की मौत के पीछे जो भी कारण सामने आएं, उसके आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएं और गौठान की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए।

कभी गौठान में थे 300 से ज्यादा मवेशी

जानकारी के अनुसार, झलमला गांव के इस अस्थायी गौठान में एक समय 300 से अधिक मवेशी मौजूद थे। बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत की खबर सामने आने के बाद ग्रामीणों ने मृत पशुओं की संख्या और उनकी मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना जांच के यह स्पष्ट नहीं हो पाएगा कि मवेशियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई है। उन्होंने संबंधित विभाग से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और रिपोर्ट तैयार करने की मांग की है।
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