पुलिस विभाग में काम के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर एसएसपी विजय अग्रवाल ने सख्त कार्रवाई की है। पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में 40 दिनों तक रोजनामचा (दैनिक डायरी) समय पर वरिष्ठ कार्यालय नहीं भेजे जाने के मामले में दो थाना प्रभारियों समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय दंड लगाया गया है।
बुधवार को जारी आदेश के अनुसार, 1 जून से 10 जुलाई 2026 के बीच पुरानी भिलाई थाने का रोजनामचा लगातार 40 दिनों तक नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) छावनी कार्यालय नहीं पहुंचा था। मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई, जिसमें लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।
दो टीआई पर लगाया गया आर्थिक दंड
जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी अंबर सिंह भारद्वाज और वर्तमान थाना प्रभारी विजय यादव को भी जिम्मेदार माना गया। दोनों अधिकारियों पर 1-1 हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया है। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि थाना प्रभारियों ने अपने पर्यवेक्षण दायित्व का सही तरीके से पालन नहीं किया और यह सुनिश्चित नहीं किया कि थाने का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड तय समय पर वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजा जाए।
प्रधान आरक्षकों की वेतन वृद्धि रोकी गई
मामले में रोजनामचा लेखन की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रधान आरक्षक आशीष मिश्रा और प्रधान आरक्षक सुभाष जाटव पर भी कार्रवाई की गई है। दोनों की एक वार्षिक वेतन वृद्धि एक साल के लिए असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश दिया गया है। जांच में सामने आया कि दोनों प्रधान आरक्षकों ने रोजनामचा नियमित रूप से तैयार नहीं किया और समय सीमा के भीतर वरिष्ठ कार्यालय को नहीं भेजा। लापरवाही को लेकर उन्हें पहले स्पष्टीकरण और स्मरण पत्र भी जारी किए गए थे, लेकिन इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ। बताया गया कि आशीष मिश्रा ने कारण बताओ नोटिस का जवाब तक नहीं दिया।SSP ने अनुशासनहीनता को बताया गंभीर मामला
एसएसपी विजय अग्रवाल ने आदेश में कहा कि शासकीय अभिलेखों से जुड़े कार्यों में लापरवाही, उदासीनता और निगरानी की कमी को गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई सीएसपी छावनी की जांच रिपोर्ट और प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि रिकॉर्ड संधारण और कार्यालयीन कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।