दुर्ग जिले में जुआ, सट्टा और ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ पुलिस ने साल 2026 में अब तक बड़ी कार्रवाई की है। जनवरी से अब तक पुलिस ने 120 प्रकरण दर्ज कर 477 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 39.29 लाख रुपए नकद, 522 मोबाइल, 32 लैपटॉप, 70 बाइक-कार समेत 1.65 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस के मुताबिक अब कार्रवाई सिर्फ मौके पर पकड़े जाने वाले आरोपियों तक सीमित नहीं है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए सट्टा और जुआ नेटवर्क के संचालकों, आर्थिक लाभ लेने वालों और तकनीकी मदद पहुंचाने वाले लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
डिजिटल साक्ष्यों की मदद से जांच
ऑनलाइन सट्टे के मामलों में पुलिस आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक खातों के लेन-देन, यूपीआई ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर गिरोहों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की मदद से संगठित अपराध से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसने की रणनीति बनाई गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2026 में जुआ के 30 मामलों में कार्रवाई की गई। इन मामलों में 221 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस दौरान 22.80 लाख रुपए नकद, 111 मोबाइल, 56 बाइक-कार और करीब 48.18 लाख रुपए की अन्य सामग्री जब्त की।
सट्टा के 65 मामलों में 155 आरोपियों को गिरफ्तार किया
सट्टा कारोबार के खिलाफ पुलिस ने 65 मामलों में कार्रवाई करते हुए 155 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 9.22 लाख रुपए नकद, 221 मोबाइल, 16 लैपटॉप, 8 बाइक-कार और करीब 63.96 लाख रुपए की अन्य सामग्री जब्त की गई। ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ पुलिस ने 25 मामलों में कार्रवाई की। इसमें 101 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 7.26 लाख रुपए नकद, 190 मोबाइल, 16 लैपटॉप, 6 बाइक-कार और करीब 53.39 लाख रुपए की अन्य सामग्री बरामद की।
सट्टे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए विशेष अभियान
एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि जुआ और सट्टे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए जिले में लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान साइबर तकनीक, मोबाइल डेटा, बैंक खातों की जानकारी, यूपीआई ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साल 2026 में दर्ज जुआ और सट्टे के 21 मामलों में संगठित अपराध से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। इन मामलों में पुलिस सिर्फ गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिंडिकेट, मुख्य संचालकों, आर्थिक लाभ लेने वालों और तकनीकी सहायता देने वालों की भूमिका की जांच कर रही है।अपराध से कमाई गई संपत्ति की भी होगी जांच
पुलिस अब अपराध से कमाई गई संपत्ति और उससे जुड़े आर्थिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि संगठित तरीके से चल रहे जुआ और सट्टा कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी। दुर्ग पुलिस के अनुसार, साल 2026 में अब तक हुई कार्रवाई में 120 मामलों में 477 आरोपियों की गिरफ्तारी और 1.65 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्ती की गई है। पुलिस ने साफ किया है कि अवैध जुआ, सट्टा और ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।