रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र के लिबरा स्थित CHP चौक हिंसा मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पुलिस बल पर हमला, लूटपाट, आगजनी और बलवा जैसे गंभीर मामलों में शामिल होने का आरोप है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के अनुसार, तमनार के CHP चौक में हुई हिंसक घटना के मामले में फरार आरोपी अनिल बेहरा (37 वर्ष), निवासी लिबरा के अपने गांव पहुंचने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही तमनार और पूंजीपथरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
आरोपी को न्यायालय में किया पेश
पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह राजेश मरकाम समेत अन्य आरोपियों के साथ घटना के दौरान आंदोलनकारियों के साथ शामिल था। पुलिस जांच में आंदोलन को उग्र करने और भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने में उसकी भूमिका सामने आने के बाद मामले में धारा 49 बीएनएस और धारा 25 आर्म्स एक्ट भी जोड़ी गई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी अनिल बेहरा को न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
CHP चौक हिंसा का पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, गारे पेलमा सेक्टर-01 कोयला परियोजना की जनसुनवाई के विरोध में दिसंबर 2025 से लिबरा स्थित CHP चौक पर प्रभावित गांवों के लोगों द्वारा धरना-प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी की जा रही थी। प्रशासन और पुलिस लगातार आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था का पालन करने की अपील कर रहे थे। लेकिन 27 दिसंबर 2025 को प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। आरोप है कि राजेश मरकाम, अनिल बेहरा, रूपेश पटेल, संदीप प्रधान समेत अन्य लोगों ने आंदोलनकारियों को उकसाया, जिसके बाद भीड़ ने पुलिस बल पर लाठी, डंडे, टांगी और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी का आरोप
आरोपियों ने पुलिस के शासकीय वॉकी-टॉकी और मोबाइल फोन भी लूट लिए थे। भीड़ ने पुलिस दल को घेरकर लगातार पथराव किया। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े पुलिस वाहनों और प्रशासनिक अधिकारियों के वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगाने की घटना भी सामने आई थी। प्लांट परिसर में भी नुकसान पहुंचाया गया, जिससे इलाके में कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर हो गई थी। तमनार थाने में इस मामले को लेकर अलग-अलग शिकायतों के आधार पर कुल 16 अपराध दर्ज किए गए हैं।
अब तक 29 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक अब तक 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और गंभीर मामलों में फरार आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि रायगढ़ पुलिस लगातार ऐसे आरोपियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में ला रही है। अपराधियों के खिलाफ निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है।