Agra Suitcase Murder: आगरा में कुछ दिन पहले ट्रेन के भीतर एक लावारिस सूटकेस से सड़े-गले मानव अंग मिलने के मामले में पुलिस को अहम सफलता मिली है। इस सनसनीखेज घटना की जांच करते हुए आगरा रेलवे पुलिस अब तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित एक किराए के मकान तक पहुंच गई है। पुलिस के मुताबिक, इसी मकान में हत्या और शव को ठिकाने लगाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत छिपाए गए थे। मृतका की पहचान ओडिशा निवासी 38 वर्षीय हयुथन निशा के रूप में बताई गई है। हालांकि, बरामद सभी अवशेषों की पहचान की वैज्ञानिक पुष्टि अभी बाकी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि महिला की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसके शव को दो बड़े हिस्सों में काटा गया। इसके बाद आरोपियों ने शव के एक हिस्से को लाल रंग के ट्रॉली बैग में रखा और उसे ट्रेन के भीतर लावारिस छोड़ दिया।
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सूटकेस मिलने के बाद मचा हड़कंप
माना जा रहा है कि आरोपियों ने पहचान छिपाने और पुलिस जांच को भटकाने के उद्देश्य से शव के अलग-अलग हिस्सों को अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। ट्रेन के भीतर संदिग्ध अवस्था में पड़े सूटकेस की जानकारी मिलने के बाद रेलवे पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर जांच शुरू की। जब बैग खोला गया तो उसके अंदर मानव शरीर के सड़े-गले हिस्से मिलने से हड़कंप मच गया। शव की हालत खराब होने के कारण शुरुआत में मृतक की पहचान करना मुश्किल था। इसके बाद फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली गई और ट्रेन के मार्ग से जुड़े रेलवे स्टेशनों की CCTV फुटेज खंगालने का फैसला किया गया।
पुलिस को दिया पहला अहम सुराग
आगरा रेलवे पुलिस ने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और ट्रेन के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस को दो संदिग्ध व्यक्ति एक भारी ट्रॉली बैग लेकर जाते हुए दिखाई दिए। बैग का रंग और उसकी बनावट घटनास्थल से मिले सूटकेस से मिलती-जुलती नजर आई। पुलिस ने दोनों व्यक्तियों की गतिविधियों और यात्रा मार्ग की जानकारी जुटाने के बाद चेन्नई रेलवे पुलिस से संपर्क किया। आगरा पुलिस से जानकारी मिलने के बाद चेन्नई सेंट्रल रेलवे पुलिस ने अपने स्टेशनों और आसपास के इलाकों की CCTV रिकॉर्डिंग खंगाली। फुटेज में वही दो संदिग्ध लाल रंग का भारी ट्रॉली बैग लेकर ट्रेन में सवार होते दिखाई दिए।
ठिकाने तक पहुंची विशेष पुलिस टीम
इसके बाद दोनों के चेहरों, कपड़ों और गतिविधियों का मिलान आगरा से भेजी गई फुटेज से किया गया। इसी आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान माणिक उद्दीन लस्कर और भगवती माझी के रूप में की है। CCTV फुटेज से संदिग्धों की पहचान होने के बाद चेन्नई रेलवे पुलिस ने उनके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि दोनों चेन्नई के गुडुवांचेरी इलाके में स्थित एक किराए के मकान में रह रहे थे।