छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी AI इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक और उनकी महिला सहकर्मी इशाका की मौत का मामला अब नए सवाल खड़े कर रहा है। गुरुग्राम में इशाका का शव कमरे में मिलने और उसके बाद रेलवे ट्रैक पर श्रेष्ठ का शव मिलने की घटना की जांच अभी जारी है। इस बीच श्रेष्ठ के पिता दीपक मलिक ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले उनके बेटे को हत्यारा बताना उचित नहीं है।
दीपक मलिक का कहना है कि अभी कई अहम पहलुओं की जांच बाकी है, लेकिन एकतरफा कहानी पेश की जा रही है। उनके मुताबिक, श्रेष्ठ का स्वभाव हिंसक नहीं था और वह हमेशा अपने काम व करियर पर ध्यान देता था। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारण सामने लाने की मांग की है।
रिश्तों के दावों पर सवाल
श्रेष्ठ के पिता ने मीडिया में चल रही लव अफेयर और लिव-इन रिलेशनशिप की चर्चाओं को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि घटना से पहले युवती ने अपना कमरा खाली किया था। ऐसे में वह सीधे श्रेष्ठ के कमरे में क्यों पहुंची, इस सवाल का जवाब भी जांच से ही मिल सकता है। उनका कहना है कि घटना से पहले के कई घंटों की पूरी कड़ी समझना जरूरी है। दीपक मलिक ने बताया कि बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद जब वे गुरुग्राम पहुंचे तो उन्हें कंपनी परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। कंपनी की ओर से केवल लीगल टीम और सुरक्षा अधिकारी ने उनसे बात की, जबकि उन्हें श्रेष्ठ के सहकर्मियों से मिलने या बातचीत करने की अनुमति नहीं मिली।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति नहीं मिली है। साथ ही पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल, लैपटॉप और अन्य सामान को लेकर भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। उनका मानना है कि डिजिटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड और फोरेंसिक जांच से कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिल सकते हैं। श्रेष्ठ मलिक ने NIT रायपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इंटर्नशिप के बाद उन्होंने पिछले वर्ष गुरुग्राम स्थित Optum Global Solutions में AI इंजीनियर के रूप में अपनी पहली नौकरी शुरू की थी। परिवार के अनुसार, वह अपने करियर को लेकर बेहद गंभीर और मेहनती थे।इससे जुड़ी खबरें... https://keertiman.com/hi/article/murder-suicide-bhilai-ai-engineer-shrestha-malik-dies-gurugram-suspected-suicide-after-girlfriend-murder
सच्चाई की तलाश जारी
गुरुग्राम पुलिस के अनुसार, 12 जुलाई को इशाका का शव सेक्टर-55 स्थित पीजी के कमरे से बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में चाकू से हत्या की आशंका जताई गई। इसके बाद उसी कमरे में रहने वाले श्रेष्ठ मलिक की तलाश शुरू हुई। जांच के दौरान रेलवे ट्रैक पर मिले एक युवक के शव की पहचान श्रेष्ठ के रूप में हुई। फिलहाल पुलिस हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका के आधार पर जांच कर रही है, जबकि परिवार का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक, पोस्टमार्टम और डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।