Saturday, 25 Jul 2026 भारत
ब्रेकिंग
हादसा : कार्बन फैक्ट्री के बॉयलर में भीषण धमाका, आग की चपेट में पूरा कारखाना, कई मजदूरों के झुलसने की खबर खुशियाँ मातम में बदलीं : शिवनाथ नदी में बहे दो बच्चे, SDRF ने 1 किमी दूर से निकाला रेहान का शव बड़ा खुलासा : 3 साल से स्कूल नहीं पहुंचे शिक्षक, फिर भी हर महीने मिलती रही सैलरी NEET विवाद के बीच बड़ा घटनाक्रम : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, PM मोदी को भेजी चिट्ठी वारदात : चरित्र पर शक बना मौत की वजह, पति ने पत्नी का सिर धड़ से किया अलग दुर्ग स्टेशन हादसा : चलती ट्रेन पकड़ना पड़ा भारी, प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिरकर एरिया मैनेजर की मौत हादसा : कार्बन फैक्ट्री के बॉयलर में भीषण धमाका, आग की चपेट में पूरा कारखाना, कई मजदूरों के झुलसने की खबर खुशियाँ मातम में बदलीं : शिवनाथ नदी में बहे दो बच्चे, SDRF ने 1 किमी दूर से निकाला रेहान का शव बड़ा खुलासा : 3 साल से स्कूल नहीं पहुंचे शिक्षक, फिर भी हर महीने मिलती रही सैलरी NEET विवाद के बीच बड़ा घटनाक्रम : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, PM मोदी को भेजी चिट्ठी वारदात : चरित्र पर शक बना मौत की वजह, पति ने पत्नी का सिर धड़ से किया अलग दुर्ग स्टेशन हादसा : चलती ट्रेन पकड़ना पड़ा भारी, प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिरकर एरिया मैनेजर की मौत
W 𝕏 f
होम एआई समाचार AI फेस रिकॉग्निशन : प्रदर्शन स्थल पर AI निगरानी स…
AI फेस रिकॉग्निशन सिस्टम
AI फेस रिकॉग्निशन सिस्टम
एआई समाचार

AI फेस रिकॉग्निशन : प्रदर्शन स्थल पर AI निगरानी से मची हलचल, क्या Aadhaar डेटा हो रहा इस्तेमाल?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान AI आधारित फेस रिकॉग्निशन सिस्टम को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। वायरल वीडियो में दिल्ली पुलिस के सर्विलांस वाहन में लोगों की पहचान संबंधी जानकारी दिखाई देने का दावा किया गया, जिसके बाद Aadhaar डेटाबेस से जुड़े होने की चर्चा तेज हो गई।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
25 Jul 2026, 01:17 PM
दिल्ली
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र प्रदर्शन के दौरान AI आधारित फेस रिकॉग्निशन सिस्टम को लेकर नई बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो में दावा किया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस की निगरानी गाड़ियों में ऐसा सिस्टम लगा है, जो कैमरे में दिखने वाले लोगों की पहचान कर उनकी जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित कर देता है।
इसके बाद कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह तकनीक आधार (Aadhaar) डेटाबेस से जुड़ी हुई है। हालांकि, अब तक इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक मोबाइल सर्विलांस वाहन दिखाई देता है, जिसमें 360 डिग्री कैमरों से मिलने वाली लाइव सीसीटीवी फुटेज मॉनिटर पर देखी जा रही है। स्क्रीन पर कुछ लोगों की तस्वीरों के साथ नाम और अन्य जानकारियां भी नजर आती हैं। हालांकि, वीडियो में कहीं भी आधार डेटाबेस का उल्लेख नहीं है और न ही दिल्ली पुलिस ने यह कहा है कि यह सिस्टम आधार से जुड़ा हुआ है।

AI तकनीक कैसे कर रही है काम? 

जंतर-मंतर के आसपास दिल्ली पुलिस ने दो आधुनिक सर्विलांस वाहन तैनात किए हैं। इनमें से एक वाहन इलाके के सीसीटीवी कैमरों से लाइव वीडियो फीड एकत्र करता है, जबकि दूसरा वाहन AI तकनीक की मदद से इन फुटेज का विश्लेषण करता है। इस प्रक्रिया में कैमरे में दिखाई देने वाले चेहरों का मिलान पुलिस के पास मौजूद आपराधिक रिकॉर्ड वाले डेटाबेस से किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक का उद्देश्य प्रदर्शन में शामिल हर व्यक्ति की पहचान करना नहीं है। इसका इस्तेमाल केवल यह जांचने के लिए किया जाता है कि भीड़ में कोई वांछित आरोपी या आपराधिक रिकॉर्ड वाला व्यक्ति मौजूद है या नहीं। यानी यह सिस्टम सामान्य लोगों की पहचान करने के बजाय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। 

'Ikshana' सर्विलांस वाहन क्या है?

चेहरा पहचानने वाली यह तकनीक 'Ikshana' नाम के मोबाइल सर्विलांस वाहन का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस ने इसे वर्ष 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले अपनी आधुनिक निगरानी व्यवस्था में शामिल किया था। इसके जरिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में रियल-टाइम निगरानी और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में सहायता मिलती है। सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि यदि सिस्टम आधार डेटाबेस का उपयोग नहीं कर रहा, तो स्क्रीन पर दिखाई देने वाली व्यक्तिगत जानकारी आखिर किस डेटाबेस से आ रही है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने अब तक सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। वहीं वायरल वीडियो भी यह साबित नहीं करते कि आधार रिकॉर्ड तक किसी तरह की पहुंच बनाई जा रही है।

अब तक क्या है आधिकारिक स्थिति?

फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो कि दिल्ली पुलिस का फेस रिकॉग्निशन सिस्टम आधार डेटाबेस से जुड़ा हुआ है। वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे भी इस बात की पुष्टि नहीं करते। ऐसे में आधार लिंक होने का दावा फिलहाल अपुष्ट ही माना जा रहा है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें