Akhilesh Yadav: मलूक नागर ने श्याम लाल पाल पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘दो कौड़ी का अध्यक्ष’ कहा। उन्होंने कहा कि श्याम लाल पाल को समाजवादी पार्टी के इतिहास की पूरी जानकारी नहीं है, फिर भी वह समाज को जागरूक करने की बात करते हैं। नागर ने चौधरी चरण सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के गठन में उनकी भी भूमिका रही थी, लेकिन पाल को शायद इसकी जानकारी नहीं है। RLD प्रवक्ता मलूक नागर ने 2022 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय RLD के साथ गठबंधन का फायदा समाजवादी पार्टी को मिला था।
2022 गठबंधन पर RLD का दावा
उन्होंने दावा किया कि उस चुनाव में समाजवादी पार्टी को आरएलडी के साथ गठबंधन का फायदा मिला था। इसी गठबंधन और उसके राजनीतिक असर को लेकर दोनों दलों के नेताओं के बीच अब बयानबाजी तेज हो गई है। सपा ने भाजपा पर लगाया गठबंधन में फूट डालने का आरोप मलूक नागर के बयान को समाजवादी पार्टी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया और इसके पीछे भाजपा की राजनीति होने का आरोप लगाया। सपा का कहना है कि भाजपा अपने गठबंधन सहयोगियों के जरिए दलित और पिछड़े समाज का अपमान करवा रही है।
‘चवन्नी’ बयान से बढ़ी तकरार
सपा ने दावा किया कि पाल-गडरिया समाज भाजपा के खिलाफ एकजुट हो रहा है और PDA के साथ खड़ा है। पार्टी ने इस पूरे विवाद को सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। अखिलेश यादव के बयान के बाद शुरू हुआ विवाद दरअसल, विवाद की शुरुआत अखिलेश यादव की आरएलडी को लेकर की गई ‘चवन्नी’ वाली टिप्पणी से हुई।
अखिलेश ने कहा था कि उन्होंने ‘चवन्नी को उठाकर रुपया बना दिया’। आरएलडी ने इस टिप्पणी को अपने राजनीतिक अस्तित्व और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट समुदाय के अपमान से जोड़कर देखा। इसके बाद आरएलडी नेताओं ने सपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
जयंत चौधरी की मौजूदगी में वार
हाल ही में सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में आरएलडी की ‘स्वाभिमान रैली’ आयोजित हुई थी, जिसमें केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी भी परिवार के साथ पहुंचे थे। इसी मंच से मलूक नागर ने समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर जमकर निशाना साधा। फिलहाल ‘चवन्नी’ टिप्पणी से शुरू हुई यह जुबानी जंग अब सपा और आरएलडी के बीच राजनीतिक रिश्तों में बढ़ती तल्खी का संकेत दे रही है।

