सरगुजा संभाग में नेशनल हाईवे-343 के निर्माण कार्य को लेकर अधिकारियों और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अंबिकापुर को झारखंड से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर राजपुर क्षेत्र में इन दिनों सड़क मरम्मत का कार्य चल रहा है। बरसात नजदीक होने के बावजूद जिस तरीके से काम किया जा रहा है, उसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने सोमवार को देखा कि सड़क पर डामर डालने के बाद उसे जेसीबी मशीन से फैलाया जा रहा है। यह तरीका देखकर लोग हैरान रह गए और मौके का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस का आरोप, एसडीएम को दी शिकायत
मामले को लेकर कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने राजपुर एसडीएम से लिखित शिकायत की है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो 5 जून को राजपुर में सांकेतिक चक्का जाम कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में भारी अनियमितताएं की जा रही हैं और आम जनता प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे के इंजीनियर और ठेकेदार मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं। शिकायतों के बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों का नियंत्रण पूरी तरह कमजोर पड़ चुका है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता लगातार गिर रही है।
600 करोड़ की परियोजना
अंबिकापुर से झारखंड सीमा तक बनने वाली इस नेशनल हाईवे परियोजना की लागत करीब 600 करोड़ रुपये बताई जा रही है। परियोजना को दो हिस्सों—बलरामपुर से रामानुजगंज और अंबिकापुर से राजपुर—में बांटा गया है। आरोप है कि ठेका लेने वाली कंपनियों ने आगे पेटी ठेकेदारों को काम सौंप दिया है, जो लागत बचाने के लिए घटिया सामग्री और मानक से कम निर्माण कार्य कर रहे हैं।
क्वालिटी मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी सवाल
जनप्रतिनिधियों में नाराजगी
खराब सड़कों और धीमी गुणवत्ता वाले निर्माण से परेशान लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया है। जनता का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।
