Monday, 27 Jul 2026 भारत
ब्रेकिंग
एक्शन : गांजा और नशीली दवाओं के साथ 7 तस्कर गिरफ्तार, लाखों का माल जब्त AI का दुरुपयोग : इंस्टाग्राम पर फोटो वायरल करने की धमकी देकर 5 लाख मांगने वाला गिरफ्तार हादसा : तेज रफ्तार कार की टक्कर से ऑटो पलटा, कई लोग घायल CGPSC भर्ती घोटाला : CBI के बाद ED ने भी कसी जांच की रफ्तार विवाद : 700 में से सिर्फ 18 दुकानदारों को नोटिस, व्यापारियों ने उठाए सवाल बिजली का कहर : खेतों में काम कर रहे किसानों समेत 3 की मौत, कई झुलसे; अस्पताल में डॉक्टर न मिलने से उपजा आक्रोश एक्शन : गांजा और नशीली दवाओं के साथ 7 तस्कर गिरफ्तार, लाखों का माल जब्त AI का दुरुपयोग : इंस्टाग्राम पर फोटो वायरल करने की धमकी देकर 5 लाख मांगने वाला गिरफ्तार हादसा : तेज रफ्तार कार की टक्कर से ऑटो पलटा, कई लोग घायल CGPSC भर्ती घोटाला : CBI के बाद ED ने भी कसी जांच की रफ्तार विवाद : 700 में से सिर्फ 18 दुकानदारों को नोटिस, व्यापारियों ने उठाए सवाल बिजली का कहर : खेतों में काम कर रहे किसानों समेत 3 की मौत, कई झुलसे; अस्पताल में डॉक्टर न मिलने से उपजा आक्रोश
W 𝕏 f
होम रायपुर अनुज शर्मा ट्रोलिंग केस : हाईकोर्ट ने मॉर्फ फोटो-…
अनुज शर्मा की याचिका पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, ट्रोलिंग कंटेंट हटाने के निर्देश
अनुज शर्मा की याचिका पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, ट्रोलिंग कंटेंट हटाने के निर्देश
रायपुर

अनुज शर्मा ट्रोलिंग केस : हाईकोर्ट ने मॉर्फ फोटो-वीडियो हटाने का दिया आदेश

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने विधायक और अभिनेता अनुज शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे कथित ट्रोलिंग अभियान को गंभीर मानते हुए उनके और उनके परिवार से जुड़े मॉर्फ फोटो, एडिटेड वीडियो, अश्लील टिप्पणियां और अन्य आपत्तिजनक कंटेंट को तत्काल हटाने का अंतरिम आदेश दिया है। अदालत ने संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, अकाउंट संचालकों और कंटेंट क्रिएटर्स को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
27 Jul 2026, 01:10 PM
रायपुर
सोशल मीडिया पर विधायक और छत्तीसगढ़ी अभिनेता अनुज शर्मा के खिलाफ तौर पर चलाए जा रहे ट्रोलिंग अभियान को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए अनुज शर्मा और उनके परिवार से जुड़ी मॉर्फ तस्वीरें, एडिटेड वीडियो, अश्लील टिप्पणियां, कैरिकेचर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही 
ऐसे कंटेंट को साझा करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स और संबंधित प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने याचिका क्रमांक 3836/2026 पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वाई.सी. शर्मा ने पक्ष रखा। उनके साथ अधिवक्ता समीर रिगरी, अंजय मिश्रा, निशांत श्रीवास्तव, विशाल चंद्रवंशी, ऐश्वर्य दीवान, सचिन निधि और मोहम्मद शाहिद रजा भी अदालत में मौजूद रहे। 

फर्जी अकाउंट्स से चलाया गया अभियान

याचिका में आरोप लगाया गया है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी और गुमनाम अकाउंट्स के जरिए अनुज शर्मा को निशाना बनाया गया। उनके नाम और पहचान का उपयोग कर मॉर्फ वीडियो, एडिटेड तस्वीरें, अश्लील कैरिकेचर और आपत्तिजनक टिप्पणियां प्रसारित की गईं। इतना ही नहीं, उनकी फिल्मों और गीतों के अंशों को भी एडिट कर भ्रामक तरीके से वायरल किया गया, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। याचिका में कहा गया है कि यह मामला केवल राजनीतिक आलोचना तक सीमित नहीं है। आरोप है कि सुनियोजित तरीके से अनुज शर्मा और उनके परिवार की प्रतिष्ठा तथा गरिमा को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। इससे उनकी सामाजिक छवि प्रभावित करने की कोशिश की गई। 

पर्सनैलिटी राइट्स पर कोर्ट सख्त

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज, पहचान या व्यक्तित्व का उसकी अनुमति के बिना उपयोग करना उसके पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन है। साथ ही यह संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत मिले गरिमा और निजता के अधिकार पर भी सीधा प्रहार है। अदालत को बताया गया कि अनुज शर्मा एक जनप्रतिनिधि होने के साथ-साथ पद्मश्री सम्मानित कलाकार भी हैं और उनकी लोकप्रियता का लाभ उठाकर कुछ लोग व्यूज, क्लिक और राजनीतिक फायदा हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और प्रतिवादियों को निर्देश दिया है कि अनुज शर्मा और उनके परिवार से जुड़ी सभी आपत्तिजनक पोस्ट, मॉर्फ वीडियो, एडिटेड तस्वीरें और कैरिकेचर तत्काल हटाए जाएं। अदालत ने संबंधित अकाउंट संचालकों, कंटेंट क्रिएटर्स और चैनल एडमिन्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही बिना अनुमति किसी व्यक्ति की पहचान, तस्वीर या अन्य विशेषताओं का उपयोग कर मॉर्फिंग किए जाने के संबंध में भी विस्तृत स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर चिंता

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अनुज शर्मा ने कहा कि वे मुख्यधारा और डिजिटल मीडिया के साथ-साथ जनता का पूरा सम्मान करते हैं। हालांकि, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी व्यक्ति और उसके परिवार की गरिमा, सम्मान और निजता पर व्यक्तिगत हमला स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य मीडिया या आम जनता के खिलाफ जाना नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थ साधने वालों पर कानूनी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें