Asian Games: 12 साल का इंतजार खत्म, मीराबाई चानू ने एशियाड में रचा इतिहास
Asian Games: जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक दिन में पांच पदक जीते। मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर 12 साल का इंतजार खत्म किया। वहीं शूटिंग, बैडमिंटन और सॉफ्ट टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों ने कांस्य पदक हासिल किए।
प्रकाशित: 24 Sep 2026, 11:22 AM· 3 मिनट पढ़ने का समय
नई दिल्ली
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Asian Games: जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे 20वें एशियाई खेलों में भारत के लिए बुधवार का दिन यादगार रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक रजत और चार कांस्य समेत कुल पांच पदक अपने नाम किए। सबसे बड़ी उपलब्धि स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के नाम रही, जिन्होंने लंबे इंतजार के बाद एशियाड में अपना पहला पदक हासिल किया।
टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इसके अलावा शूटिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने दो कांस्य पदक हासिल किए, जबकि पुरुष बैडमिंटन टीम ने सेमीफाइनल में हार के बाद कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा ने कांस्य जीतकर एशियाई खेलों में भारत को इस खेल का पहला पदक दिलाया।
12 साल के इंतजार के बाद मीराबाई चानू को मिला एशियाड पदक
मणिपुर की अनुभवी भारोत्तोलक मीराबाई चानू का एशियाई खेलों में पदक जीतने का सपना आखिरकार पूरा हुआ। 32 वर्षीय मीराबाई ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में कुल 198 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का भार उठाया। यह एशियाई खेलों में भारत का भारोत्तोलन में लंबे समय बाद आया पदक है। इससे पहले साल 1998 के बैंकॉक एशियाई खेलों में कर्णम मल्लेश्वरी ने रजत पदक जीता था। निशानेबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिला और पुरुष स्कीट टीमों ने कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। महिला स्कीट टीम में रायजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल शामिल थीं। टीम ने कुल 331 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं पुरुष टीम में अनंतजीत सिंह नरूका, मैराज अहमद खान और भवतेग सिंह गिल ने 346 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।
मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों में जीता रजत पदकवुशु में रोशिबिना देवी ने फाइनल में बनाई जगह
भारतीय वुशु खिलाड़ी रोशिबिना देवी नाओरेम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक की उम्मीदों को कायम रखा है। उन्होंने महिलाओं की वुशु सांडा 60 किग्रा स्पर्धा के सेमीफाइनल मुकाबले में इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगतास को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। अब रोशिबिना का मुकाबला चीन की शियाओयू झांग से होगा। रोशिबिना इससे पहले दो एशियाई खेलों में एक रजत और एक कांस्य पदक जीत चुकी हैं। चोटिल खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी की जगह टीम में शामिल हुईं रोशिबिना ने क्वार्टर फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 5-0 से जीत दर्ज की थी।
मुक्केबाज अंकुश पंघाल क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
मुक्केबाजी में भारत के युवा खिलाड़ी अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार जीत दर्ज करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। एशियाई खेलों में पहली बार हिस्सा ले रहे 21 वर्षीय अंकुश ने बहरीन के हमसा वोगेल को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराया। इससे पहले वह विश्व बॉक्सिंग कप में रजत और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अब क्वार्टर फाइनल में अंकुश का सामना ताजिकिस्तान के नेकरुज सलीमोव से होगा। इस मुकाबले में जीत दर्ज करने पर वह भारत के लिए एक और पदक पक्का कर लेंगे।
भारत का शानदार प्रदर्शन जारी
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। मीराबाई चानू की ऐतिहासिक जीत, शूटिंग में सफलता और अन्य खेलों में पदक उपलब्धियों ने भारत के पदक अभियान को और मजबूत कर दिया है। आने वाले मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद बनी हुई है।