Asian Games 2026: भारतीय पहलवान अमन सहरावत ने 2026 एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में अमन ने नॉर्थ कोरिया के वर्ल्ड नंबर-1 पहलवान चोंग सोंग को 11-7 से शिकस्त दी। मुकाबला आखिरी क्षणों तक कांटे का रहा, लेकिन अंतिम मिनट में अमन ने जबरदस्त वापसी करते हुए बाजी अपने नाम कर ली। यह एशियन गेम्स में अमन सहरावत का पहला गोल्ड मेडल है। इससे पहले 2022 के एशियाई खेलों में उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। उनकी इस जीत के साथ भारत के खाते में 2026 एशियन गेम्स का 20वां स्वर्ण पदक भी जुड़ गया है। कुश्ती में यह भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है।
पहले राउंड में अमन ने बनाई बढ़त
कुश्ती के इस मुकाबले में दोनों पहलवानों को छह मिनट का समय मिलता है। मुकाबला तीन-तीन मिनट के दो राउंड में खेला जाता है। फाइनल की शुरुआत में अमन सहरावत ने आक्रामक अंदाज दिखाया और 2-0 की बढ़त हासिल कर ली। पहले तीन मिनट पूरे होने तक अमन अपने कोरियाई प्रतिद्वंद्वी से आगे थे। हालांकि, दूसरे राउंड में मुकाबले का रुख तेजी से बदल गया। चोंग सोंग ने अपनी तकनीक और अनुभव का इस्तेमाल करते हुए अमन पर दबाव बनाना शुरू किया।
आखिरी मिनट में बदली पूरी तस्वीर
मुकाबले के आखिरी एक मिनट में चोंग सोंग 7-6 से आगे चल रहे थे। उस समय ऐसा लग रहा था कि अमन के लिए वापसी करना मुश्किल होगा। कोरियाई पहलवान लगातार आक्रमण कर रहे थे और अमन भी थके हुए नजर आ रहे थे। लेकिन यहीं से अमन ने मुकाबले में बड़ा पलटवार किया। चोंग सोंग ने टेकडाउन की कोशिश की, जिसका अमन ने बेहतरीन तरीके से काउंटर किया और दो अहम अंक हासिल कर लिए। इस दांव ने मुकाबले की दिशा ही बदल दी। नॉर्थ कोरियाई टीम ने इस फैसले को चुनौती भी दी, लेकिन रिव्यू का फैसला अमन के पक्ष में रहा। इसके बाद भारतीय पहलवान ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया और अंत में 11-7 से मुकाबला जीतकर गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया।भारत के खाते में 20 गोल्ड
अमन सहरावत की इस जीत के साथ 2026 एशियन गेम्स में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 20 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 20 गोल्ड, 26 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। भारत के खाते में कुल 82 पदक हो चुके हैं और मेडल टेबल में भारतीय दल पांचवें स्थान पर बना हुआ है। अमन सहरावत का गोल्ड मेडल भारतीय कुश्ती के लिए भी खास उपलब्धि है, क्योंकि यह प्रतियोगिता में भारत का दूसरा कुश्ती स्वर्ण पदक है।

