Asian Games 2026: भारतीय गोल्फ के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा। युवा गोल्फर प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीत लिया। इस उपलब्धि के साथ वह एशियन गेम्स के इतिहास में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय गोल्फ खिलाड़ी बन गई हैं। प्रणवी ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन खेल दिखाया और 15-अंडर 265 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। उनकी इस जीत ने भारतीय गोल्फ के लिए नया अध्याय जोड़ दिया है। व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड के अलावा प्रणवी ने टीम इवेंट में भी भारत की पदक जीतने की उम्मीदों को मजबूत किया। प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर की भारतीय महिला टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
जीत का पता भी बधाई मिलने के बाद चला
प्रणवी के लिए जीत का आखिरी पल बेहद खास रहा। उन्होंने बताया कि उन्हें तुरंत यह एहसास नहीं हुआ था कि उन्होंने गोल्ड जीत लिया है। उनके मुताबिक, जब टैन ने उन्हें बधाई दी, तब उन्हें अपनी जीत का अंदाजा हुआ। प्रणवी ने कहा कि उस समय उनके दिमाग में सिर्फ एक ही बात चल रही थी कि जीत के लिए पुट को होल करना है या फिर मुकाबले को प्लेऑफ तक ले जाना है। उनका पूरा ध्यान उस आखिरी पुट पर था। उन्होंने अपने बचपन के आदर्श वाक्य का जिक्र करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य हमेशा किसी काम को करने वाला पहला व्यक्ति बनना रहा है। एशियन गेम्स में गोल्ड जीतकर उन्होंने अपने इसी सपने को हकीकत में बदल दिया।
कौन हैं प्रणवी उर्स?
15 अप्रैल 2003 को जन्मीं प्रणवी उर्स ने महज छह साल की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया था। मैसूर के जयचामराजा वाडियार गोल्फ क्लब में अपने पिता और भाई को खेलते देखकर उनके मन में भी इस खेल के प्रति रुचि पैदा हुई। कम उम्र में शुरुआत करने के बाद प्रणवी ने जूनियर और एमेच्योर स्तर पर तेजी से अपनी पहचान बनाई। साल 2018 में उन्होंने थाईलैंड की सिंघा वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप और ऑल इंडिया जूनियर गर्ल्स चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने 2020 में पेशेवर गोल्फ की दुनिया में कदम रखा। 2023 में आयोजित हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी वह भारतीय टीम का हिस्सा थीं। वहां उन्होंने महिला व्यक्तिगत और टीम दोनों स्पर्धाओं में देश का प्रतिनिधित्व किया। पेशेवर करियर आगे बढ़ने के साथ प्रणवी ने लेडीज यूरोपियन टूर (LET) समेत कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और धीरे-धीरे वैश्विक गोल्फ सर्किट पर अपनी जगह मजबूत की।पुरुषों के खिलाफ टूर्नामेंट जीतकर भी रचा इतिहास
प्रणवी के करियर में एक और बड़ी उपलब्धि 2025 में आई। उन्होंने आईजीपीएल इनविटेशनल मुंबई का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ वह पुरुष गोल्फरों के साथ खेले गए प्रोफेशनल ओपन-फील्ड टूर्नामेंट को जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। लेडीज यूरोपियन टूर पर भी उनका प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा है। 2024 में अंडालूसिया कोस्टा डेल सोल ओपन डी एस्पाना में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल किया था। 2023 के एशियन गेम्स में प्रणवी महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में 13वें स्थान पर रही थीं, जबकि भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही थी। तीन साल बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड जीत लिया। प्रणवी उर्स की यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि भारतीय महिला गोल्फ के लिए भी एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।

