Asian Games Athletics: सीमा कुमारी की ऐतिहासिक दौड़, 16 साल बाद भारत को मिला 10 हजार मीटर पदक
Asian Games Athletics: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की एथलीट सीमा कुमारी ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकेंड का समय दर्ज किया और 16 साल बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका सफर अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुका है।
प्रकाशित: 25 Sep 2026, 01:41 PM· 4 मिनट पढ़ने का समय
खेल डेस्क
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Asian Games Athletics: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के छोटे से गांव रेटा की रहने वाली एथलीट सीमा कुमारी ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित खेलों में महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ में सीमा ने कांस्य पदक अपने नाम किया। सीमा ने फाइनल रेस में 32 मिनट 50.05 सेकेंड का समय दर्ज किया। आखिरी चक्कर तक पदक के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिला, लेकिन सीमा ने अंतिम दौर में जबरदस्त वापसी करते हुए तीसरा स्थान हासिल कर लिया।
इस जीत के साथ ही एशियन गेम्स में महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ में भारत का 16 साल लंबा पदक का इंतजार भी खत्म हो गया। इस स्पर्धा में भारत को इससे पहले वर्ष 2010 के एशियन गेम्स में सफलता मिली थी। तब प्रीजा श्रीधरन ने स्वर्ण और कविता राउत ने रजत पदक जीता था। सीमा का कांस्य पदक इस स्पर्धा में भारत का एशियन गेम्स इतिहास का तीसरा पदक है।
शुरुआत में पिछड़ीं, लेकिन आखिरी दौर में दिखाया दम
10 हजार मीटर दौड़ के दौरान सीमा ने शुरुआत में अच्छी बढ़त बनाई थी, लेकिन बीच के चरण में वह कुछ पीछे हो गईं। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरी लैप में अपनी रफ्तार बढ़ाते हुए पदक पर कब्जा कर लिया। इस मुकाबले में बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 32:39.18 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि जापान की नोजोमी तनाका ने 32:41.54 के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया।अब सीमा की नजरें एशियन गेम्स की 5,000 मीटर दौड़ पर हैं, जिसमें वह दो दिन बाद हिस्सा लेंगी। कांस्य पदक जीतने के बाद हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश की उम्मीदें उनसे और बढ़ गई हैं।
10 हजार मीटर दौड़ में सीमा कुमारी का शानदार प्रदर्शन2026 में लगातार बेहतर हुआ प्रदर्शन
सीमा कुमारी ने साल 2026 में अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार किया। एशियन गेम्स से पहले उन्होंने 10 हजार मीटर दौड़ में 32:02.43 का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया था। यह उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है, जिसे एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और वर्ल्ड एथलेटिक्स के रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। एशियन गेम्स के फाइनल में उन्होंने 32:50.05 का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया।
सीमा कुमारी का अब तक का शानदार सफर
सीमा ने बेहद कम संसाधनों के बीच अपना खेल सफर शुरू किया और लगातार मेहनत के दम पर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
2015: जूनियर राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 3000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता।
2018: यूथ एशियन ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया।
2022: राष्ट्रीय खेलों में 10,000 मीटर में स्वर्ण और 5,000 मीटर में रजत पदक जीता।
2023: राष्ट्रीय खेलों में 5,000 और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन किया।
2024: हांगकांग में आयोजित 17वीं एशियन क्रॉस-कंट्री चैंपियनशिप में 10,000 मीटर का स्वर्ण पदक जीता।
2025: कोलकाता में टाटा स्टील वर्ल्ड 25के में स्वर्ण पदक जीता और 25 किलोमीटर दौड़ में 1:26:04 समय के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
2026: 10,000 मीटर दौड़ में 32:02.43 मिनट का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
वर्ल्ड एथलेटिक्स के रिकॉर्ड में सीमा को चार बार की राष्ट्रीय चैंपियन और एशियन यूथ ओलंपिक क्वालीफिकेशन की रजत पदक विजेता के रूप में दर्ज किया गया है।
अब लक्ष्य लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पदक जीतना
एशियन गेम्स में पदक जीतने के बाद सीमा कुमारी ने अपने अगले लक्ष्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अब उनकी नजर वर्ष 2028 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों पर है। सीमा का कहना है कि एशियन गेम्स में पदक जीतने के बाद रुकना नहीं है। उनका लक्ष्य देश के लिए ओलंपिक में पदक जीतना है और इसके लिए वह अपनी तैयारी को और मजबूत करेंगी। सीमा का सफर चंबा जिले के दुर्गम रेटा गांव से शुरू हुआ। शुरुआती दिनों में सीमित सुविधाओं के बावजूद उन्होंने दौड़ के प्रति अपने जुनून को बनाए रखा। वर्ष 2015 में उनका चयन भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के धर्मशाला केंद्र में प्रशिक्षण के लिए हुआ। इसके बाद उन्हें बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन मिला। वर्ष 2018 में वह खेलो इंडिया योजना से भी जुड़ीं। लगातार मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर सीमा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी अलग पहचान बनाई। आज एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने न सिर्फ हिमाचल बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।