Azamgarh Murder Case: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक हैरान कर देने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में एक सिरफिरे शख्स ने मामूली बात पर खूनी खेल खेल डाला। पूजा कराने आए दो पंडितों से सिर्फ आधार कार्ड मांगने को लेकर हुए विवाद में आरोपी ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर दो पंडितों, अपनी पत्नी और मासूम बेटे की हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस और आरोपी के बीच करीब 8 घंटे तक चले भारी ड्रामे और मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी को मार गिराया।
आधार कार्ड मांगने पर शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार शाम को शंभूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह के घर पर दो पंडित पूजा-पाठ कराने पहुंचे थे। उसी दौरान अरविंद बाजार से घर लौटा और उसने दोनों पंडितों से पहचान के तौर पर उनका आधार कार्ड दिखाने को कहा। पंडितों द्वारा विरोध करने पर बात इतनी बढ़ गई कि अरविंद आपा खो बैठा। आरोपी ने तुरंत अपनी पिस्टल निकाली और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी में पूजा कराने आए पंडित महेंद्र पाठक और उनके साथी पंडित की मौके पर ही मौत हो गई। इतने पर भी आरोपी का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने अपनी पत्नी बबीता तथा अपने बेटे को भी गोली मार दी, जिससे उनकी भी मौत हो गई।
तीन मासूमों को बनाया बंधक, 8 घंटे तक थमी रहीं सांसें
चार लोगों की निर्मम हत्या करने के बाद आरोपी अरविंद ने घर के अंदर मौजूद तीन मासूम बच्चों (जिनकी उम्र 10 साल, 7 साल और महज 6 महीने थी) को बंधक बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरे इलाके को घेर लिया। शुरुआत में आरोपी अपने सबसे छोटे 6 महीने के बच्चे को गोद में लिए हुए था। इस दौरान बच्चा गोद से छूटकर नीचे गिर गया और घायल हो गया, जिसके बाद सिरफिरे ने अपनी बेटी की कनपटी पर बंदूक तान दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और बेहद सूझबूझ के साथ तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घायल बच्चे को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।टियर गैस और स्टेन ग्रेनेड से एंट्री, जवाबी कार्रवाई में मारा गया आरोपी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को आत्मसमर्पण कराने और बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए करीब 7 घंटे तक मान-मनौव्वल की गई, लेकिन आरोपी सुबह तक बच्चों को न छोड़ने की जिद पर अड़ा रहा। इसी बीच तड़के घर के अंदर से अचानक गोलियां चलने की आवाजें आने लगीं। खतरे को देखते हुए पुलिस टीम ने स्टेन ग्रेनेड और आंसू गैस (टियर गैस) के गोलों का इस्तेमाल कर घर के भीतर प्रवेश किया। पुलिस को अंदर दाखिल होते देख आरोपी अरविंद ने उन पर सीधे 6 राउंड फायर झोंक दिए। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई (एनकाउंटर) में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी बाद में मौत हो गई। पुलिस ने मौके से हथियार जब्त कर पूरे मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है।

