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बार में बढ़ा पर्यटकों की भीड़
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बढ़ा रोमांच : बार नवापारा बना वाइल्डलाइफ लवर्स की पहली पसंद

छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध Barnawapara Wildlife Sanctuary मानसून के बाद हरियाली से सराबोर हो चुका है और इन दिनों पर्यटकों के लिए वन्यजीव दर्शन का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। 244 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभयारण्य के बफर जोन में तेंदुओं की लगातार साइटिंग होने से पर्यटकों में खासा उत्साह है।

कीर्तिमान न्यूज
11 Jun 2026, 12:04 PM
मनोहर साहू/पिथौरा

अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में बेहद नजदीक से देखने का रोमांच महसूस करना चाहते हैं, तो छत्तीसगढ़ का सुप्रसिद्ध बार नवापारा वन्यजीव अभयारण्य (Barnawapara Wildlife Sanctuary) इन दिनों आपके लिए सबसे मुफीद ठिकाना बन चुका है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर अपनी खास पहचान रखने वाले इस अभयारण्य में पर्यटकों की तादाद दिन-ब-दिन तेजी से बढ़ रही है।

हालिया मानसूनी फुहारों के बाद पूरा जंगल हरी-भरी मखमली घास की चादर से ढक गया है, जिसे चरने के लिए वन्यजीव बेखौफ होकर बफर जोन की सड़कों और तालाबों के किनारे पहुंच रहे हैं।

बफर जोन में बढ़ रहा रोमांच, 'तेंदुए' को देखने की मची होड़

244 वर्ग किलोमीटर के विशाल दायरे में फैले इस अभयारण्य में इन दिनों पर्यटकों के बीच तेंदुए (Leopard) को देखने की दिलचस्पी सबसे ज्यादा देखी जा रही है। गाइडों के मुताबिक, बफर जोन के कुछ चुनिंदा पॉइंट्स पर तेंदुए की साइटिंग लगातार हो रही है।

पर्यटकों की सुविधा के लिए मोहंदा रिसोर्ट बार से विशेष जिप्सी सफारी की व्यवस्था है, वहीं अब पकरीद व रवान से भी पर्यटकों के लिए जिप्सी सफारी की व्यवस्था की गई है। जहाँ प्रशिक्षित गाइड पर्यटकों को बफर जोन की सैर कराता है। कोर जोन में प्रवेश प्रतिबंधित है, जिसके लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है।

सफारी के मुख्य आकर्षण क्षेत्र 

  • कारीडोंगरी और भुलुकचुंवा

  • 78 तालाब और 109 तालाब क्षेत्र

  • मरेर, पलसापनी और बघमणी

जानिए किस जीव की कितनी है संख्या

वैज्ञानिक प्रबंधन और सुरक्षा के चलते बार नवापारा में वन्यजीवों की संख्या में बूम आया है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, यहाँ का वन्यजीव संसार बेहद समृद्ध हो चुका है:

वन्यजीव का नामवर्तमान संख्या
चीतल (Spotted Deer)4,359
बारहसिंघा (Swamp Deer)1,016
गौर / बायसन (Indian Bison)612
तेंदुआ (Leopard)61
जंगली सूअर238
नीलगाय218
सांभर214
कोटरी158
भालू47
सोनकुत्ता (Wild Dog)28

विशेष आकर्षण: इनके अलावा यहाँ चौसिंघा, साही, गोह (Monitor Lizard), अजगर, नेवला, जंगली बिल्ली, लोमड़ी, खरगोश, लकड़बघ्घा और सैकड़ों प्रजातियों के रंग-बिरंगे मोर व पक्षी मौजूद हैं।

सौर ऊर्जा से भरे जा रहे तालाब

वन्यजीवों को पानी की किल्लत न हो, इसके लिए वन विभाग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। जंगल के भीतर स्थित तालाबों को सौर ऊर्जा (Solar Energy) संचालित पंपों के माध्यम से चौबीसों घंटे लबालब रखा जा रहा है।

  • निगरानी: शिकारियों और सुरक्षा के लिहाज से ऊंचे वॉच टावरों से पूरे जंगल की 24/7 निगरानी की जा रही है।

  • आगामी योजनाएं: पक्षियों के दीदार के लिए यहाँ विशेष पक्षी विहार विकसित किए गए हैं, और वन विभाग की अगली बड़ी योजना लाकर पर्यटकों के रोमांच को दोगुना करने की है।

इंसानी दखल कम करने के लिए 22 गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया स्थगीत  

वन्यजीवों को इंसानी आमद-रफ्त (Interference) से पूरी तरह मुक्त करने और उन्हें एक भयमुक्त गलियारा देने के लिए बार क्षेत्र के 22 गांवों को विस्थापित करने का मेगा प्लान को स्थगीत कर दिया गया है।

  • सफलतापूर्वक विस्थापित गांव: रामपुर, लाटादादर और नवापारा का विस्थापन पहले ही पूरी सुरक्षा और मुआवजे के साथ किया जा चुका है।

  • अगले चरण में विस्थापित होने वाले गांव: अब जल्द ही बार, हरदी, अकलतरा, लोरिदखार, आमगांव, ढेबीखार, ढेबा, चरौदा, गबौद, देवगांव, कोठारी, तालदादर, गुड़ागड़, बफरा, भिंभौररी, मुड़पार, दोंद और पांडादाह के विस्थापन की प्रक्रिया अब ठंडे बस्ते में चली गई है। 

पर्यटकों के लिए सलाह: मानसून के इस खूबसूरत मौसम में अगर आप भी बार नवापारा की सैर करना चाहते हैं, तो वन विभाग के रिसॉर्ट्स में ठहरने के लिए उत्तम व्यवस्था है। वीकेंड्स पर भीड़ अधिक होने के कारण एडवांस बुकिंग कराकर जाना ही समझदारी होगी।

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