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अस्पताल का दूषित पानी
अस्पताल का दूषित पानी
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सरकारी अस्पतालों के पानी में मिले बैक्टीरिया, जांच रिपोर्ट के बाद बढ़ा संक्रमण का खतरा

इंदौर के सरकारी अस्पतालों में पेयजल की जांच के दौरान कई जगह ई-कोलाई और टोटल कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया मिले हैं। कुछ अस्पतालों में RO प्लांट बंद और वाटर कूलर के आसपास सफाई की कमी भी सामने आई। रिपोर्ट के बाद अस्पतालों की पेयजल व्यवस्था और मरीजों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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प्रकाशित: 22 Aug 2026, 12:06 PM · अपडेट: 08 Oct 2026, 10:45 AM
मध्य प्रदेश
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

इंदौर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके परिजनों को मिलने वाले पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। शहर के 9 सरकारी अस्पतालों के पेयजल स्रोतों से पानी के सैंपल लेकर जांच की गई। रिपोर्ट में कई जगह ई-कोलाई और टोटल कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया मिलने की बात सामने आई है। इनमें PC सेठी अस्पताल, एमवाय अस्पताल, मानसिक चिकित्सालय, जिला अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और चाचा नेहरू अस्पताल शामिल हैं। ई-कोलाई बैक्टीरिया की मौजूदगी पानी के दूषित होने का संकेत हो सकती है। ऐसे पानी का सेवन करने से संक्रमण और पेट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। 

पानी में मिले ई-कोलाई बैक्टीरिया

अस्पताल में पहले से बीमार मरीजों के लिए साफ और सुरक्षित पीने का पानी बेहद जरूरी है। ऐसे में जांच रिपोर्ट ने अस्पतालों की पेयजल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के दौरान अस्पतालों में लगाए गए RO प्लांट और दूसरे पेयजल स्रोतों से भी सैंपल लिए गए। इस दौरान कई जगह RO प्लांट बंद पाए गए। कुछ स्थानों पर वाटर कूलर के आसपास साफ-सफाई की स्थिति भी ठीक नहीं मिली। इससे मरीजों और उनके परिजनों को मिलने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है।

पानी की व्यवस्था पर सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक जिला अस्पताल में भी पेयजल व्यवस्था को लेकर सवाल सामने आए हैं। यहां एक सामाजिक संस्था की ओर से लोटों के जरिए लोगों को पानी उपलब्ध कराए जाने की जानकारी मिली है। अस्पताल जैसी जगह पर सुरक्षित और साफ पेयजल की नियमित व्यवस्था को बेहद जरूरी माना जाता है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की सातवीं मंजिल पर लगे RO और कैंटीन के पानी की जांच में भी ई-कोलाई और टोटल कॉलीफॉर्म पाए जाने की बात सामने आई है। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं, इसलिए पानी की गुणवत्ता में कमी गंभीर चिंता का विषय है।

मरीजों की सेहत को लेकर बढ़ी चिंता

सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीज पहले से ही अलग-अलग बीमारियों से जूझ रहे होते हैं। ऐसे में पीने का पानी दूषित मिलने से संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद अस्पतालों में RO प्लांट के रखरखाव, नियमित सफाई और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत सामने आई है।

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