भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय घेराव के दौरान हुए विवाद को लेकर पुलिस ने एक और एफआईआर दर्ज की है। इस बार खम्हारडीह थाना प्रभारी निरीक्षक भावेश कुमार गौतम की शिकायत पर कांग्रेस के 12 नामजद नेताओं और अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर शासकीय कार्य में बाधा, बल प्रयोग और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने जैसी धाराओं
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने पुलिस बल पर कांच की बोतल, पत्थर, लकड़ी और जूते फेंके, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। मामले में पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
राजीव भवन के सामने बढ़ा तनाव
एफआईआर के अनुसार, 22 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध में भाजपा द्वारा कांग्रेस मुख्यालय घेराव कार्यक्रम आयोजित किया गया था। राजीव भवन के सामने बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इसी दौरान कांग्रेस कार्यालय की ओर से नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ता बैरिकेडिंग की ओर बढ़ने लगे।
समझाने के बाद भी नहीं माने प्रदर्शनकारी
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को रोकने और समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।पत्थर और बोतल फेंकने से पुलिसकर्मी घायल
पुलिस आरोप लगा रही है कि स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर पुलिस बल पर कांच की बोतलें, पत्थर, लकड़ी और जूते फेंके। इस घटना में पीएसआई देवराज सिंह के सिर में चोट लगी, जबकि महिला आरक्षक सीमा बंजारे के हाथ में चोट आई। कई अन्य पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी दी गई है।
12 कांग्रेस नेताओं समेत कई कार्यकर्ता आरोपी
एफआईआर में कांग्रेस नेताओं सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी, अजीत कुकरेजा, हनी बग्गा, शांतनु झा, गावेश साहू, खुबी डहरिया, सागर दुल्हानी, अजीज भिंसरा और अमित तिवारी समेत अन्य कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है।BNS की इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 121(1), 132, 191 और 221 के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना के वीडियो फुटेज, फोटो और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन अन्य लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके नाम भी एफआईआर में जोड़े जा सकते हैं।