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कोरबा में भालू रेस्क्यू अभियान
कोरबा में भालू रेस्क्यू अभियान
कोरबा

भालू को कटहल खाना  पड़ा भारी : 20 फीट गहरे कुएं में गिरा, ऐसे बची जान

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ग्राम छिंदिया में कटहल खाने पहुंचा एक भालू ग्रामीणों की भीड़ देखकर घबरा गया और भागते समय 20 फीट गहरे सूखे कुएं में गिर गया। वन विभाग की टीम ने करीब 15 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर भालू को सुरक्षित बाहर निकाला और उसे जंगल की ओर रवाना कर दिया।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 30 Jul 2026, 08:13 PM · अपडेट: 07 Nov 2026, 01:56 AM
कोरबा
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक भालू को कटहल खाने का लालच भारी पड़ गया। खाने की तलाश में गांव पहुंचा भालू कटहल के पेड़ पर चढ़ गया, लेकिन ग्रामीणों की भीड़ देखकर घबरा गया और भागते समय 20 फीट गहरे सूखे कुएं में जा गिरा। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 15 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भालू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

कटहल खाने बाड़ी में पहुंचा था भालू 

यह पूरा मामला कटघोरा वन क्षेत्र के केंदई परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम छिंदिया का है। जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह एक भालू जंगल से निकलकर गांव की ओर आ गया था। खाने की तलाश में वह पूर्व सरपंच बारेलाल सिंह की बाड़ी में पहुंचा, जहां कटहल का पेड़ लगा हुआ था। भालू पेड़ पर चढ़कर कटहल खाने लगा। इसी दौरान पूर्व सरपंच के बेटे की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। 

भीड़ देखकर घबराया और कुएं में गिरा 

लोगों की भीड़ बढ़ने से भालू डर गया और पेड़ से उतरकर जंगल की ओर भागने लगा। इसी दौरान बाड़ी में बने एक पुराने सूखे कुएं में वह गिर गया। कुएं की गहराई करीब 20 फीट थी और उसमें पानी भी नहीं था। कुएं में गिरने के बाद भालू ने बाहर निकलने के लिए कई बार दीवार का सहारा लेने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी।

वन विभाग ने 15 घंटे चलाया रेस्क्यू अभियान 

सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और भालू को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। शुरुआत में कुएं के अंदर बांस की सीढ़ी डाली गई, ताकि भालू खुद ऊपर चढ़कर बाहर आ सके। हालांकि काफी प्रयास के बाद भी भालू सीढ़ी के सहारे बाहर नहीं निकल पाया। इसके बाद वन विभाग ने दूसरी रणनीति अपनाई। जेसीबी की मदद से कुएं तक पहुंचने के लिए ढलान वाला रास्ता तैयार किया गया। रेस्क्यू के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि भालू किसी तरह से डर या तनाव में न आए। 

सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया भालू 

कड़ी मेहनत और करीब 15 घंटे तक चले अभियान के बाद आखिरकार भालू कुएं से बाहर निकलने में सफल रहा। बाहर आते ही वह जंगल की ओर चला गया। भालू के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल से लगे इलाकों में वन्यजीवों की मौजूदगी की स्थिति में भीड़ न लगाएं और तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
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