Sunday, 20 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस Chhattisgarh News: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में आवारा कुत्ते का आतंक, 31 लोगों को काटकर किया घायल Surajpur Crime News: तीजा पर्व पर खाना नहीं बनाने को लेकर हुआ विवाद, बेटे ने टांगी से हमला कर पिता की हत्या की GST Fraud Case: फर्जी दस्तावेजों से 10 फर्में बनाकर करोड़ों का कारोबार दिखाने का आरोप, FIR दर्ज Khargone news: बदहाल सड़क बनी मुसीबत, एंबुलेंस फंसी तो बैलगाड़ी से ले जाना पड़ा प्रसूता, नवजात की मौत Surajpur Crime News: नाबालिग से गैंगरेप का आरोप, दो युवकों के खिलाफ केस दर्ज, जांच में जुटी पुलिस Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस
W 𝕏 f
होम रायपुर प्रकृति की खूबसूरत तस्वीर : धरसींवा की गधीया आर्द…
वेटलैंड में दिखीं डक प्रजातियां
वेटलैंड में दिखीं डक प्रजातियां
रायपुर

प्रकृति की खूबसूरत तस्वीर : धरसींवा की गधीया आर्द्रभूमि बनी पक्षियों का ठिकाना, एक साथ नजर आईं दो बत्तख प्रजातियां

रायपुर जिले के धरसींवा स्थित गधीया आर्द्रभूमि में स्पॉट-बिल्ड डक और लेसर व्हिस्लिंग डक एक साथ नजर आईं। पक्षी प्रेमियों ने दोनों प्रजातियों को प्राकृतिक वातावरण में घूमते और भोजन तलाशते कैमरे में कैद किया। विशेषज्ञों के अनुसार, इन पक्षियों की मौजूदगी क्षेत्र की जैव विविधता और स्वस्थ आर्द्रभूमि का संकेत है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 21 Jul 2026, 03:38 PM · अपडेट: 01 Aug 2026, 09:23 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
रायपुर जिले के धरसींवा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत गोढ़ी की गधीया आर्द्रभूमि इन दिनों पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यहां एक साथ स्पॉट-बिल्ड डक और लेसर व्हिस्लिंग डक दिखाई दीं। दोनों प्रजातियों को आर्द्रभूमि के किनारे शांत वातावरण में घूमते और भोजन तलाशते देखा गया। 
सुबह के समय जब वातावरण पूरी तरह शांत था, तब पक्षी प्रेमियों ने इन खूबसूरत पक्षियों को करीब से देखा और कैमरे में कैद किया। पानी, हरियाली और खुले प्राकृतिक क्षेत्र के बीच दोनों बत्तखों की मौजूदगी ने गधीया आर्द्रभूमि की जैव विविधता को एक बार फिर सामने ला दिया है।

पक्षियों के लिए अनुकूल बना गधीया आर्द्रभूमि का वातावरण

पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी एक आर्द्रभूमि क्षेत्र में अलग-अलग पक्षी प्रजातियों का मिलना पर्यावरण के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है। इससे पता चलता है कि क्षेत्र का जलस्तर, वनस्पति और प्राकृतिक वातावरण पक्षियों के रहने के लिए बेहतर स्थिति में है। विशेषज्ञों का कहना है कि गधीया आर्द्रभूमि में पक्षियों को पर्याप्त भोजन और सुरक्षित स्थान मिल रहा है, जिसके कारण यहां स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी बढ़ रही है। पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक आर्द्रभूमियां केवल पक्षियों का बसेरा नहीं होतीं, बल्कि ये पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

गधीया झील में पक्षी
आर्द्रभूमियों का संरक्षण बेहद जरूरी

ऐसे क्षेत्रों का संरक्षण किया जाए तो भविष्य में यहां कई और पक्षी प्रजातियों को देखा जा सकता है। स्थानीय लोगों और प्रशासन के सहयोग से इन प्राकृतिक क्षेत्रों की सुरक्षा की जाए तो गधीया आर्द्रभूमि पक्षी अवलोकन और जैव विविधता के लिहाज से एक महत्वपूर्ण स्थान बन सकती है। 

स्पॉट-बिल्ड डक और लेसर व्हिस्लिंग डक का महत्व

स्पॉट-बिल्ड डक और लेसर व्हिस्लिंग डक पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। 
  • पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखना: ये पक्षी जलीय घास, छोटे कीड़े-मकोड़े, घोंघे और अन्य छोटे जीवों को खाते हैं, जिससे जल क्षेत्र का संतुलन बना रहता है।
  • जैव विविधता के संकेतक: किसी आर्द्रभूमि में इन पक्षियों की मौजूदगी यह बताती है कि वहां का पर्यावरण और जल स्रोत स्वस्थ स्थिति में हैं।
  • बीजों का प्रसार: ये पक्षी पानी में उगने वाले पौधों के बीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में मदद करते हैं, जिससे वनस्पतियों का विस्तार होता है।
  • प्राकृतिक सुंदरता बढ़ाना: स्थानीय और प्रवासी पक्षी किसी भी क्षेत्र की जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं और प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करते हैं।

क्या होती है आर्द्रभूमि?

आर्द्रभूमि (Wetland) ऐसे क्षेत्र होते हैं जहां जमीन स्थायी या मौसमी रूप से पानी से भरी या नम रहती है। ये क्षेत्र पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। दलदल, झील, नदी किनारे के क्षेत्र, बाढ़ के मैदान और मैंग्रोव इसके प्रमुख उदाहरण हैं। आर्द्रभूमियां पानी को संरक्षित करने, जैव विविधता बढ़ाने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गधीया आर्द्रभूमि में पक्षियों की बढ़ती मौजूदगी इस बात का संकेत है कि यह क्षेत्र प्राकृतिक संपदा से भरपूर है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? हमारी सुधार नीति देखें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें