प्रदेश के जरूरतमंद नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन की 256वीं लाइफलाइन एक्सप्रेस परियोजना के तहत सूरजपुर जिले के विश्रामपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-02 पर 16 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक ओपीडी सेवाएं संचालित होंगी। जांच के बाद आवश्यकता अनुसार मरीजों की निःशुल्क सर्जरी भी की जाएगी।
शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम आंखों की जांच और मोतियाबिंद ऑपरेशन, कान की जांच व सर्जरी, कटे-फटे होंठ और जलने के बाद उत्पन्न विकृति के लिए प्लास्टिक सर्जरी, दांतों की जांच एवं उपचार के साथ महिलाओं के लिए स्तन और गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की स्क्रीनिंग करेगी।
जानिए किस दिन कौन-सी सेवाएं मिलेंगी
आंखों की ओपीडी 16 से 21 अगस्त तक तथा मोतियाबिंद सर्जरी 17 से 22 अगस्त तक होगी। कान की ओपीडी 22 से 27 अगस्त और कान की सर्जरी 23 से 28 अगस्त तक की जाएगी। मुड़े हुए हाथ-पैर और प्लास्टिक सर्जरी की ओपीडी 28 से 31 अगस्त तक चलेगी, जबकि संबंधित सर्जरी 29 अगस्त से 1 सितंबर तक होगी। दंत जांच एवं उपचार 1 से 5 सितंबर तक किया जाएगा। महिलाओं के लिए स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग 16 से 21 अगस्त तक आयोजित की जाएगी।
बच्चों के लिए भी होगी निःशुल्क सर्जरी
इस स्वास्थ्य शिविर में 18 वर्ष से कम आयु के उन बच्चों की विशेष जांच और निःशुल्क सर्जरी की जाएगी, जिनके हाथ या पैर जन्मजात रूप से मुड़े हुए हैं या किसी अन्य शारीरिक विकृति से प्रभावित हैं। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों को समय रहते बेहतर उपचार उपलब्ध कराना है।
जिला प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
कलेक्टर रेना जमील के निर्देशन में जिला प्रशासन ने शिविर के सफल संचालन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शिविर का संचालन व्यवस्थित ढंग से किया जा सके।
गांव-गांव होगी मरीजों की पहचान
ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को इस सुविधा का लाभ दिलाने के लिए ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच, मितानिन, सखी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को अपने-अपने क्षेत्रों में मरीजों की पहचान कर उनका पंजीयन कराने और उपचार के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पहचान पत्र साथ लाना होगा अनिवार्य
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और जरूरतमंद लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाएं। शिविर में आने वाले मरीजों को आधार कार्ड, वोटर आईडी या अन्य वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। भर्ती मरीजों के साथ केवल एक सहयोगी को रहने की अनुमति दी जाएगी।