छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम को प्रदेश का 'भांचा' मानने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यही कारण है कि यहां के लोगों का श्रीराम से एक गहरा आत्मीय और पारिवारिक संबंध माना जाता है। हाल ही में अयोध्या धाम में रामलला के दरबार से जुड़ी चोरी की घटना ने देशभर के रामभक्तों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी गहराई से प्रभावित किया है।
इसे श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य और भांचा श्रीराम के सम्मान से जुड़ी पीड़ा के रूप में महसूस किया। इसी भावना को सम्मान देने और श्रीराम के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के ननिहाल की ओर से 25 से 27 जुलाई तक तीन दिवसीय श्रीराम श्रद्धा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
रामलला के चरणों में अर्पित किए जाएंगे श्रद्धा के नारियल
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से श्रद्धा स्वरूप नारियल एकत्र किए जाएंगे। इन नारियलों को अयोध्या धाम ले जाकर रामलला के श्रीचरणों में समर्पित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह केवल नारियल अर्पित करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ओर से अपने भांचा श्रीराम के प्रति प्रेम, श्रद्धा, आशीर्वाद और समर्पण व्यक्त करने का प्रतीकात्मक प्रयास है। यात्रा की जानकारी देते हुए बेलतरा विधानसभा से विधायक प्रत्याशी रहे विजय केशरवानी ने बताया कि यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक, शांतिपूर्ण और गैर-राजनीतिक स्वरूप की होगी। इसका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध-प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा और सम्मान का संदेश अयोध्या तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि यात्रा के प्रत्येक दिन पदयात्रा के समापन पर भगवान श्रीराम को भोग अर्पित किया जाएगा और सभी श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद (भंडारे) की व्यवस्था भी रहेगी।तिलक नगर के श्री हनुमान मंदिर से होगा शुभारंभ
यात्रा का शुभारंभ 25 जुलाई को दोपहर 12 बजे देवकीनंदन चौक, तिलक नगर स्थित श्री हनुमान मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और श्रीराम वंदना के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर मंगला क्षेत्र से आने वाला श्रद्धालुओं का विशेष जत्था भी यात्रा में शामिल होगा। यात्रा शुरू होने से पहले श्रद्धालु घर-घर जाकर पीले चावल (अक्षत) और सुपारी भेंट कर लोगों को इस धार्मिक यात्रा में शामिल होने का निमंत्रण देंगे।
तीन दिनों का यात्रा मार्ग
25 जुलाई: श्री हनुमान मंदिर (तिलक नगर) → राम सेतु पुल → हुंडई चौक → मुक्ति धाम → मार्क हॉस्पिटल → चंटीडीह किसानपारा → चिंगराजपारा → लिंगियाडीह → राजकिशोर नगर → मोपका।
26 जुलाई: मोपका → बिजौर → बहतराई → खमतराई → अशोक नगर स्थित बगदाई मंदिर।
27 जुलाई: कोनी → बिरकोना → बैमा → महामाया मंदिर → नगोई स्थित वैष्णो देवी मंदिर, जहां यात्रा का समापन होगा।