Bhilai Steel Plant Accident: ब्लास्ट फर्नेस-6 में मंगलवार की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ यांत्रिकी (मेकेनिकल) विभाग में काम कर रहे 47 वर्षीय ठेका श्रमिक विनोद कुमार की मशीन की चपेट में आने से जान चली गई। मृतक मेसर्स सहिआन इंजीनियरिंग एंड ट्रेडिंग कंपनी में बतौर एसएसडब्ल्यू (SSW) तैनात थे और मंगलवार को पहली पाली (मॉर्निंग शिफ्ट) में काम पर आए थे। इस घटना के बाद संयंत्र परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में जांच के आदेश दिए गए हैं।
खराबी देखने गए थे, अचानक चालू हो गई पुशर कार
मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे ब्लास्ट फर्नेस-6 की 'पुशर कार-2' में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। ऑपरेशन शिफ्ट प्रभारी ने इसकी सूचना तुरंत मेकेनिकल पाली प्रभारी को दी। इसके बाद मेकेनिकल प्रभारी ने फॉल्ट का पता लगाने के लिए विनोद कुमार को पुशर कार-2 के पास भेजा। विनोद कुमार अभी मशीन की खराबी जांच ही रहे थे कि अचानक पुशर कार-2 स्टार्ट होकर आगे बढ़ गई। जब तक विनोद संभल पाते, वे मशीन के भारी-भरकम हिस्सों के बीच फंस गए। इस अचानक हुए हादसे में उन्हें काफी गंभीर चोटें आईं।
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किया हादसा देखते ही आसपास मौजूद कर्मचारियों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत कड़ी मशक्कत के बाद विनोद को मशीन से बाहर निकाला और संयंत्र की एंबुलेंस से मेन मेडिकल पोस्ट (MMP-1) ले जाया गया। हालांकि, चोटें इतनी गंभीर थीं कि सुबह करीब 9 बजे डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, विस्तृत जांच के आदेश
हादसे की खबर फैलते ही संयंत्र प्रबंधन के आला अधिकारी और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंच गई। शुरुआती रिपोर्टों में यही बात सामने आ रही है कि हादसा मशीन के अचानक चालू होने की वजह से हुआ। फिलहाल अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मेंटेनेंस या जांच के दौरान मशीन अचानक कैसे चालू हो गई? क्या काम शुरू करने से पहले तय सुरक्षा मानकों (जैसे पावर कट या शटडाउन प्रोटोकॉल) का पालन किया गया था या इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई है? प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की भी जांच की जा रही है और विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की असली वजह पूरी तरह साफ हो पाएगी।
