CCSH की बड़ी उपलब्धि : पैरालिसिस मरीज के इलाज को मिली नई दिशा, बस्तर में पहली बार हुई ब्रेन DSA
बस्तर के डिमरापाल स्थित CCSH अस्पताल में पहली बार ब्रेन डिजिटल सब्सट्रैक्ट एंजियोग्राफी (DSA) जांच सफलतापूर्वक की गई। पैरालिसिस से पीड़ित महिला मरीज के इलाज में इस जांच से बीमारी के कारणों की सटीक जानकारी मिली, जिससे उपचार को नई दिशा मिली।
कीर्तिमान डेस्क
21 Jul 2026, 11:13 AM
बस्तर
बस्तर के डिमरापाल स्थित कॉन्टिनेंटल छत्तीसगढ़ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (CCSH) में पहली बार ब्रेन की डिजिटल सब्सट्रैक्ट एंजियोग्राफी (DSA) जांच सफलतापूर्वक की गई है। इस अत्याधुनिक जांच से पैरालिसिस से जूझ रही एक महिला मरीज के मस्तिष्क की नसों की स्थिति का पता लगाया गया, जिससे डॉक्टरों को इलाज की सही दिशा तय करने में मदद मिली।
जानकारी के मुताबिक, बस्तर ब्लॉक के बड़े आलनार निवासी सुमित्रा नेताम को पैरालिसिस की शिकायत के बाद CCSH में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए ब्रेन की DSA जांच कराने का फैसला लिया। अस्पताल में तैयार किए गए नए कैथलैब में यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई।
ब्रेन DSAहैदराबाद और बस्तर के डॉक्टरों ने मिलकर की प्रक्रिया
ब्रेन DSA की यह जटिल प्रक्रिया हैदराबाद के कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. ऋषिकेश सरकार और CCSH के न्यूरोसर्जन डॉ. पवन बृज की संयुक्त टीम ने पूरी की। इस दौरान क्रिटिकल केयर कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सौरभ कुमार समेत अन्य चिकित्सकों का भी सहयोग रहा। परिजनों ने बताया कि सुमित्रा नेताम को नियमित जांच के लिए जगदलपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था।
इसी दौरान अचानक उन्हें पैरालिसिस का अटैक आया, जिसके बाद गंभीर हालत में उन्हें तुरंत CCSH लाया गया। न्यूरोसर्जन डॉ. पवन बृज ने बताया कि मरीज की डिकम्प्रेसिव क्रेनियोटॉमी सहित अन्य जरूरी चिकित्सा प्रक्रियाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि पहले ब्रेन DSA जैसी अत्याधुनिक जांच के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब CCSH में कैथलैब शुरू होने से बस्तर में ही ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं।
DSA जांच से बीमारी के कारणों की हुई पहचान
डॉक्टरों के अनुसार, DSA जांच के बाद मरीज के मस्तिष्क की नसों से जुड़ी समस्या की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हुई। इसके आधार पर आगे का उपचार किया जा रहा है। फिलहाल मरीज की हालत में सुधार बताया जा रहा है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। बस्तर के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बस्तर में पहली बार हुई ब्रेन DSA जांच से गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें इलाज और जांच के लिए रायपुर, हैदराबाद या अन्य बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।