साइबर थाने में दर्ज एक बड़े साइबर फ्रॉड केस को लेकर नया विवाद सामने आया है। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी प्रशिक्षु IPS अधिकारी राहुल बंसल को दी गई थी। पुलिस अब तक अलग-अलग राज्यों से 23 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसी बीच मामले से जुड़े शिकायतकर्ता ने प्रशिक्षु IPS राहुल बंसल पर कार्रवाई को प्रभावित करने के बदले एक करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद मामला CBI और न्यायालय तक पहुंच गया है। अब सरगुजा रेंज IG दीपक झा ने पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस का पक्ष स्पष्ट किया है। सरगुजा रेंज IG दीपक झा के मुताबिक अब तक की जांच में प्रशिक्षु IPS राहुल बंसल के खिलाफ रिश्वत मांगने या शिकायत में बताई गई गतिविधियों में उनकी संलिप्तता का कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। शिकायत में जिन मोबाइल नंबरों और बातचीत का उल्लेख किया गया है, उनकी भी जांच की जा रही है।
राहुल बंसल के खिलाफ सबूत नहीं
पुलिस वायरल वीडियो और ऑडियो समेत अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। IG का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा और जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से जारी रहे और किसी स्तर पर जांच प्रभावित न हो, इसे देखते हुए साइबर थाने में पदस्थ एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को पुलिस लाइन अटैच किया गया है।
पुलिस लाइन किया गया अटैच
जांच में दोनों पुलिसकर्मियों या अन्य किसी व्यक्ति के खिलाफ जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मामला न्यायालय में भी विचाराधीन होने के कारण पुलिस की ओर से जांच के दौरान कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय की ओर से जो भी निर्देश दिए जाएंगे, उनके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ वायरल ऑडियो, वीडियो, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच जारी है। जानकारी के मुताबिक हरियाणा निवासी आकाश कुमार से जुड़े मामले में अंबिकापुर के साइबर रेंज थाने में ठगी का प्रकरण दर्ज किया गया है।ऑनलाइन ठगी से जुड़ा है मामला
यह मामला करीब 20.15 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा बताया गया है। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई करते हुए अब तक 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसी जांच को लेकर बाद में रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए, जिसके बाद मामला पुलिस विभाग से निकलकर CBI और न्यायालय तक पहुंच गया।
एक करोड़ रुपये मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता आकाश कुमार ने दिल्ली की CBI कोर्ट में परिवाद दायर कर आरोप लगाया है कि साइबर ठगी के मामले की जांच के दौरान कार्रवाई को प्रभावित करने के बदले अंबिकापुर CSP और प्रशिक्षु IPS राहुल बंसल के नाम पर एक करोड़ रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम से संबंधित उसके पास कुछ डिजिटल साक्ष्य भी मौजूद हैं। हालांकि ये शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इनकी जांच अभी जारी है। पुलिस की ओर से अब तक प्रशिक्षु IPS की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की गई है।रकम पहुंचाने का भी किया दावा
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि रिश्वत की रकम हवाला नेटवर्क के जरिए IPS अधिकारी तक पहुंचाई गई थी। उसने एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा पर इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का आरोप भी लगाया है। शिकायतकर्ता ने बातचीत से जुड़े स्क्रीनशॉट और ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा किया है। इन्हीं दावों और उपलब्ध कराई गई सामग्री की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।