भालू के हमलों से सहमे ग्रामीण: एक की गई जान, अलग-अलग घटनाओं में 3 घायल
सरगुजा संभाग में भालू के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उदयपुर क्षेत्र में भालू के हमले से 55 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि कोरबा और शंकरगढ़ में अलग-अलग घटनाओं में तीन लोग घायल हुए हैं। वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाने की अपील की है।
कीर्तिमान डेस्क
13 Aug 2026, 12:23 PM
सरगुजा
सरगुजा संभाग के अलग-अलग इलाकों में भालू के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उदयपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम सितकालो में बुधवार सुबह जंगल गए 55 वर्षीय ग्रामीण चैतू राम पर भालू ने हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल चैतू राम को इलाज के लिए रायपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
इसके अलावा कोरबा और शंकरगढ़ क्षेत्र में भी भालू के हमले की घटनाएं हुई हैं, जिनमें तीन लोग घायल हुए हैं। लगातार हो रही घटनाओं से जंगल से लगे गांवों में दहशत बढ़ गई है। ग्राम सितकालो निवासी चैतू राम बुधवार सुबह अपने मवेशी और बकरियां चराने के लिए घर से करीब 500 मीटर दूर जंगल की ओर गए थे। बताया जा रहा है कि मवेशियों को चराने के दौरान वे खुखड़ी तलाशते हुए जंगल के अंदर चले गए। इसी दौरान अचानक उनका सामना भालू से हो गया। भालू ने चैतू राम पर हमला कर दिया और उनके सिर, कंधे व पीठ पर गंभीर चोटें आईं।
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की दी सलाह
जान बचाने के लिए उन्होंने काफी देर तक संघर्ष किया। कुछ समय बाद भालू वहां से चला गया, जिसके बाद घायल चैतू राम किसी तरह गांव की ओर लौटने लगे। रास्ते में ग्रामीणों की नजर लहूलुहान हालत में चैतू राम पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल उनके परिजनों को सूचना दी। परिजन उन्हें उपचार के लिए उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर ले जाने की सलाह दी गई। परिजन उन्हें रायपुर लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार के साथ पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है। भालू के हमले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को जंगल में अकेले नहीं जाने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस इलाके के ग्रामीण खुखड़ी, पुटू और अन्य जंगली खाद्य पदार्थ जुटाने के लिए अक्सर जंगल जाते हैं। ऐसे में वन्यजीवों से सामना होने का खतरा बना रहता है।
जंगल में भालू का हमलाकोरबा में दो महिलाओं पर भालू का हमला
विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। उदयपुर वन परिक्षेत्र में भालुओं की मौजूदगी को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। इसी तरह कोरबा जिले के ग्राम डीडासरई-देवपहरी के जंगल में मंगलवार शाम करीब छह बजे भालू ने दो महिलाओं पर हमला कर दिया। घटना में 50 वर्षीय मूल्यारो बाई और समारी बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। हमले के बाद दोनों महिलाओं को उपचार के लिए कोरबा के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार उपचार के बाद दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों से अकेले जंगल में नहीं जाने की अपील की है। शंकरगढ़ क्षेत्र के ग्राम आसनपानी में भी भालू के हमले की घटना सामने आई है।
शंकरगढ़ में मवेशी चराने गए वृद्ध को किया घायल
सोमवार शाम करीब 60 वर्षीय भगतु कोडाकू मवेशी चराने के लिए जंगल गए थे। इसी दौरान भालू ने उन पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद भालू जंगल की ओर भाग गया। हमले में घायल भगतु कोडाकू को शंकरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। वन विभाग की ओर से घायल को तत्काल राहत के रूप में एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी दी गई। उदयपुर, कोरबा और शंकरगढ़ क्षेत्र में लगातार सामने आ रही भालू के हमलों की घटनाओं के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। जंगल और उससे होकर गुजरने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। वन विभाग ग्रामीणों से अपील कर रहा है कि वे जंगल में अकेले प्रवेश न करें और वन्यजीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। लगातार हो रही घटनाओं के कारण जंगल से सटे गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।