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Raipur Threat Case: लॉरेंस गैंग के नाम पर रंगदारी, पूर्व महापौर के भतीजे शोएब ढेबर से देर रात तक पूछताछ
Raipur Threat Case: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी और रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने शोएब ढेबर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच में जांजगीर के एक युवक के जरिए धमकी भरे कॉल किए जाने और होटल के वाई-फाई से इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और पैसों के लेन-देन की जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
Raipur Threat Case: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर लगातार मिल रही धमकियों के मामले में पुलिस के हाथ एक अहम सुराग लगा है। कांग्रेस नेता अजीत कुकरेजा के पिता आनंद कुकरेजा से
रंगदारी मांगने के हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर के बेटे और पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भतीजे, शोएब ढेबर को हिरासत में ले लिया है। शनिवार देर रात तेलीबांधा पुलिस, सेंट्रल जोन एसीपी और थाना प्रभारी समेत आला अधिकारियों की टीम उससे बंद कमरे में लगातार पूछताछ कर रही है।
होटल का वाई-फाई और 5 हजार का मोहरा: ऐसे रचा गया पूरा खेल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शोएब सीधे खुद फोन करने के बजाय दूसरों के कंधों पर बंदूक रखकर चला रहा था। जांच में सामने आया है कि धमकियों का यह नेटवर्क हरियाणा और जांजगीर तक फैला हुआ था:
जांजगीर के युवक ने उगला सच: मामले में पुलिस ने सबसे पहले जांजगीर-चांपा से एक युवक को पकड़ा था। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने कबूला कि लॉरेंस बिश्नोई का नाम लेकर कुकरेजा परिवार को धमकी देने के एवज में उसे महज 5,000 रुपये दिए गए थे। उसी की निशानदेही पर शोएब ढेबर का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे मेमन समाज के एक कार्यक्रम के दौरान हिरासत में लिया।
वीआईपी रोड का होटल और वाई-फाई कॉलिंग: पुलिस को जानकारी मिली है कि रायपुर के एक नामचीन होटल में काम करने वाले हरियाणा के युवक का इस्तेमाल फोन करवाने के लिए किया जाता था। पहचान और लोकेशन छुपाने के मकसद से वीआईपी रोड स्थित होटल में शराब पार्टी के बाद वहीं के वाई-फाई से इंटरनेट कॉल (VoIP) किए जाते थे।
7 प्रमुख हस्तियां निशाने पर, 50 करोड़ की फिरौती से भी जुड़ा तार?
जांच अधिकारियों के अनुसार, शहर के
करीब 7 रसूखदार लोगों को लॉरेंस गैंग के नाम से इसी तरह के धमकी भरे कॉल आए हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या इन सभी धमकियों के पीछे एक ही गिरोह का दिमाग है या कोई स्थानीय सिंडिकेट लॉरेंस बिश्नोई के नाम का खौफ दिखाकर ब्लैकमेलिंग का खेल खेल रहा था। दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय पहले खुद पूर्व महापौर एजाज ढेबर को भी लॉरेंस और अमन साव गैंग के नाम पर 50 करोड़ रुपये की फिरौती का कॉल आया था, जिसकी प्राथमिकी कोतवाली थाने में दर्ज है। अब पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं ढेबर परिवार को मिली धमकी और कुकरेजा परिवार को दी गई धमकी का आपस में कोई सीधा कनेक्शन तो नहीं है।
तकनीकी साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस फिलहाल पुलिस
होटल के वाई-फाई राउटर, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), इंटरनेट आईपी एड्रेस और संदिग्धों के बीच हुए पैसों के लेन-देन (ऑनलाइन/कैश ट्रांसफर) के सबूत जुटा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि शोएब ढेबर की होटल में धमकी देने वाले युवकों से कितनी बार मुलाकात हुई और इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे असली मकसद खौफ पैदा करना था या फिर मोटी रकम वसूलना। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ पूरी होने के बाद ही मामले का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।